|
'अमरीका ने मानवाधिकार हनन किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस की बड़ी तेल कंपनी युकोस के मामले पर अमरीका की ओर से हुए एतराज़ पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. अमरीका और जर्मनी ने युकोस पर कर अदा न करने के आरोपों पर रूसी सरकार के रवैए पर एतराज़ जताया था. रूसी विदेश मंत्रालय ने अमरीका के बुश प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है. महत्वपूर्ण है कि युकोस कंपनी के प्रमुख मिख़ाइल ख़ोदोरकोफ्स्की एक सप्ताह पहले गिरफ़्तार हो चुके हैं. अमरीका और जर्मनी ने मिख़ाइल ख़ोदोरकोव्सकी की गिरफ़्तारी की वैधता पर भी सवाल उठाए और भरोसा माँगा की क़ानून का पालन होगा. मानवाधिकार हनन का आरोप बीबीसी संवाददाता के अनुसार वैसे ही अन्य देशों के रूस की आलोचना करने से रूस जल्द ही नाराज़ हो जाता है. लेकिन इस मामले में तो रूस की ओर से बहुत तीखी प्रतिक्रिया हुई है. रूस के राष्ट्रीय टीवी पर प्रसारित प्रतिक्रिया में रूस ने अमरीका पर इराक़ और ग्वांतानामों बे में मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा उठाया. रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एलक्साँडर येकोवेंको ने कहा, "हमें तो याद नहीं कि अन्य देशों में उठे ऐसे ही मुद्दों पर अमरीकी विदेश मंत्रालय ने ऐसा कोई बयान दिया हो." उन्होंने कहा कि ग्वांतानामों बे, जहाँ सैकड़ों तालेबान और संदिग्ध अल-क़ायदा सदस्य कैद हैं, वहाँ और इराक़ में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है. इसी मुद्दे पर रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल कैसियानोव ने शुक्रवार को अपनी चिंता जताई थी. महत्वपूर्ण है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सबको इस मामले में दख़ल न देने की सलाह दी थी पर प्रधानमंत्री कैसियानोव ने इसके बावजूद ये टिप्पणी की थी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||