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नेपाली माओवादी नेता प्रचंड से बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के माओवादी नेता पुष्पकमल दहाल उर्फ़ प्रचंड ने नेपाल नरेश के अधिकारों में कटौती के बारे में गुरूवार को संसद में पारित प्रस्ताव को अपर्याप्त बताया है. प्रचंड ने किसी अज्ञात स्थान पर बीबीसी हिंदी के साथ विशेष बातचीत की. प्रचंड ने संदेह जताया कि सात राजनीतिक दलों का गठजोड़ अमरीका, यूरोपीय संघ और भारत के दबाव में माओवादियों को हाशिये पर डालने की कोशिश कर रहा है. उल्लेखनीय है कि नेपाली संसद ने गुरूवार को राजा ज्ञानेंद्र के अधिकारों को अत्यंत सीमित करने वाले प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें अपूर्ण है संसद का प्रस्ताव: प्रचंड19 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विजय रैलियों का दिन19 मई, 2006 | भारत और पड़ोस राजा के अधिकारों में कटौती का प्रस्ताव18 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में कई पूर्व मंत्री गिरफ़्तार12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में 'शाही ज़्यादतियों' की जाँच10 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश द्वारा की गई नियुक्तियां रद्द07 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'नेपाल मुद्दे पर भारत बड़ी भूमिका निभाए'05 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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