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नेपाल नरेश द्वारा की गई नियुक्तियां रद्द | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल की नवगठित सरकार ने अक्तूबर 2002 के बाद नरेश ज्ञानेंद्र द्वारा की गई सभी नियुक्तियों को रद्द कर दिया है. नई सरकार ने उन सभी राजदूतों को भी वापस बुला लिया है जिन्हें राजा ने पिछले चार वर्ष में नियुक्त किया था. पिछले महीने देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद नेपाल नरेश सत्ता छोड़ने को राज़ी हुए थे जिसके बाद पुरानी संसद का गठन हुआ और लोकतांत्रिक सरकार सत्ता में आई. प्रशासन ने तीन महीने पहले हुए स्थानीय निकाय के चुनावों को भी रद्द कर दिया है और कहा है कि अब प्रतिनिधि सभा का गठन होगा जो नेपाल का नया संविधान लिखेगी. वित्त मंत्री राम शरण महत ने कहा " रविवार को कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया है कि राजा ने अक्तूबर 2002 के बाद जो भी नियुक्तियां की हैं उन सभी को रद्द कर दिया जाए. " महत ने बताया कि राजा ने जिन 12 राजदूतों को विभिन्न देशों में नियुक्त किया था उन्हें भी वापस बुलाने का निर्णय किया गया है. इन राजदूतों में भारत, अमरीका, जापान, ब्रिटेन और फ्रांस के राजदूत शामिल हैं. चार साल पहले अक्तूबर 2002 में नेपाल नरेश ने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेर बहादुर देऊबा को बर्खास्त कर के नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति कर दी थी. पिछले साल फ़रवरी में नरेश ने सत्ता सीधे अपने हाथ में ले ली और कहा कि राजनेता भ्रष्ट हो गए हैं और देश में माओवादी हिंसा को रोकने में भी असफल रहे हैं. हालांकि पिछले महीने नेपाल की जनता लोकतंत्र के समर्थन में सड़कों पर उतर आई औऱ कई दिनों के ज़बर्दस्त प्रदर्शनों के बाद राजा को मज़बूर होकर सत्ता छोड़नी पड़ी. नई सरकार और माओवादियों के बीच संघर्षविराम भी हो गया है. अब देश में जल्दी ही प्रतिनिधि सभा का गठन होने वाला है जो नेपाल का नया संविधान लिखेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें संसद का साथ दे सकते हैं माओवादी01 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'लोकतंत्र के रास्ते की रुकावटें दूर होंगी'02 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल सरकार की संघर्षविराम घोषणा03 मई, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों को सहायता का प्रस्ताव03 मई, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादी शांति वार्ता के लिए तैयार04 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'नेपाल मुद्दे पर भारत बड़ी भूमिका निभाए'05 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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