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नेपाल सरकार की संघर्षविराम घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल की नई गठबंधन सरकार ने माओवादियों के साथ अनिश्चितकालीन संघर्षविराम की घोषणा की है. नई सरकार के क़दम की घोषणा करते हुए उप प्रधानमंत्री केपी ओली ने कहा कि विद्रोहियों के ख़िलाफ़ आतंकवाद के मामले ख़त्म कर दिए जाएँगे. पिछले सप्ताह माओवादियों ने भी तीन महीने के लिए एकतरफ़ा संघर्षविराम की घोषणा की थी. संसद बहाली के फ़ैसले के बाद माओवादियों ने ये घोषणा की थी. कई सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने संसद बहाली की घोषणा की थी और गिरिजा प्रसाद कोइराला के नेतृत्व में नई सरकार का गठन भी हो गया. नेताओं ने वादा किया था कि वे माओवादियों के साथ बातचीत करेंगे और उन्हें सरकार में शामिल करने की भी कोशिश करेंगे. सरकार की ओर से संघर्षविराम की घोषणा करते हुए उप प्रधानमंत्री खड़ग प्रसाद ओली ने कहा, "सरकार ने संघर्षविराम का फ़ैसला किया है. हम माओवादियों से अपील करते हैं कि वे शांति वार्ता के लिए आगे आएँ." चुनाव रद्द नेपाल की नई सरकार ने इस साल फरवरी में हुए नगर निगम चुनावों को रद्द करने की भी घोषणा की. काठमांडू से बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैविलैंड का कहना है कि अगर दोनों पक्ष संघर्षविराम पर क़ायम रहते हैं तो यह पिछले तीन वर्षों में शांति की दिशा में पहला बड़ा क़दम होगा. इससे पहले नेपाल के दौरे पर गए अमरीका के सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर ने कहा था कि अमरीका आतंकवादी संगठनों की सूची से माओवादियों को हटाने के लिए तैयार नहीं. उन्होंने कहा, "हम नेपाल में माओवादियों का मामला नहीं भूल सकते. उन्होंने कई गाँवों में क्या किया है और अभी भी कई गाँवों में कर रहे हैं. वे लोगों की हत्या करते हैं. वे फ़िरौती वसूलते हैं. इसलिए जब तक वे अपने में बदलाव नहीं लाते हम उन्हें इस सूची से नहीं हटा सकते." इस बीच माओवादी नेता प्रचंड ने स्पष्ट किया था कि माओवादी उसी समय हथियार डालेंगे जब शाही सेना में भी सुधार किया जाएगा. नए मंत्रिमंडल पर टिप्पणी करते हुए प्रचंड ने कहा था कि इसमें पुराने चेहरे ही भरे हुए हैं और इसमें कोई दूरदृष्टि नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाली संसद की ऐतिहासिक बैठक हुई27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस आसान नहीं है नेपाल में लोकतंत्र की राह27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने किया संघर्षविराम26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री पद के लिए कोइराला चुने गए25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नरेश ने संसद बहाल करने की घोषणा की24 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने राजा का प्रस्ताव ठुकराया24 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'भारत ने नेपाली जनता को निराश किया'24 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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