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'भारत ने नेपाली जनता को निराश किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नटवर सिंह ने सरकार की नेपाल नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार ने वहाँ की जनता को निराश किया है. एक बयान में नटवर सिंह ने कहा, "हमने नेपाल की जनता को निराश किया है. हमने सात राजनीतिक पार्टियों की सदभावना खो दिया है, माओवादियों का ग़ुस्सा मोल लिया है और राजा की ओर से भी हमें कोई शाबाशी भी नहीं मिली." पाँच महीने पहले इराक़ की तेल के बदले अनाज योजना से लाभ उठाने वालों में नटवर सिंह का भी नाम आया था. इसके बाद नटवर सिंह को विदेश मंत्री का पद छोड़ना पड़ा था और फिर कांग्रेस कार्यसमिति से भी उन्हें हटा दिया गया था. फ़ॉर्मूला नेपाल मामले पर अपने बयान में नटवर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विशेष दूत के रूप में कर्ण सिंह ने कोशिश तो की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. नटवर सिंह ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी ने जो सात सूत्री फ़ॉर्मूला सुझाया था, उसी को आधार बनाया जा सकता था. सीताराम येचुरी ने कहा था कि सरकार राजा ज्ञानेंद्र को संसद बहाल करने के लिए मनाए ताकि वहाँ की स्थिति पर क़ाबू पाया जा सके. सीताराम येचुरी ने पश्चिम बंगाल में अपना चुनाव प्रचार बीच में छोड़कर रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी से रविवार को मुलाक़ात की थी जिसमें उन्होंने नेपाल में संसद बहाल करने की बात दोहराई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें राजनीतिक दलों ने एक और रैली बुलाई23 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में अब भी प्रदर्शन जारी22 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस गेंद नेपाल नरेश के पाले में: कर्ण सिंह20 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडू में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी20 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में 25 अधिकारी गिरफ़्तार18 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस भारत ने नेपाल को लेकर प्रयास तेज़ किए18 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में खाद्य पदार्थों की कमी17 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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