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नेपाल में कई पूर्व मंत्री गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल की हाल ही में बहाल हुई सरकार ने नेपाल की पूर्व शाही सरकार के पाँच मंत्रियों को गिरफ़्तार किया है. सरकारी रेडियो पर ख़बर दी गई है कि पुलिस ने राजा की सरकार में रह चुके जिन मंत्रियों को गिरफ़्तार किया है वे हैं - पूर्व गृह मंत्री कमल थापा, पूर्व विदेश मंत्री रमेश नाथ पाँडे, पूर्व स्थानीय विकास मंत्री तनका ढकाल और पूर्व सूचना मंत्री श्रीश शमसेर राणा. राजा की सरकार के एक कनिष्ठ मंत्री निक्षय शमशेर राणा को भी गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने कहा है कि इन पूर्व मंत्रियों को उनके घरों से ही गिरफ़्तार किया गया और काठमाँडू के एक कड़ी सुरक्षा वाले थाने में रखा गया है. सरकार ने इन्हें तीन महीने के लिए पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है. इन गिरफ़्तारियों से तीन दिन पहले ही मौजूदा सरकार ने राजा के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों पर कथित ज़्यादतियों की जाँच के लिए एक उच्च स्तरीय जाँच बिठाई जिसने अपना काम शुरू कर दिया है. यह आयोग दो महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा. राजा विरोधी प्रदर्शनों में पुलिस और सुरक्षा बलों के लाठी चार्ज करने, आँसू गैस के गोले छोड़े जाने और रबड़ की गोलियाँ चलाने से 20 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों अन्य घायल हुए थे. उन प्रदर्शनों के बाद राजा ने अपना सीधा शासन समाप्त करके राजनीतिक दलों को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था जिसके बाद प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला की सरकार काम कर रही है. |
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