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शांति वार्ता में मदद को तैयार: संयुक्त राष्ट्र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल सरकार और मोआवादियों के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर बात करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी और नेपाली अधिकारियों के बीच विचार विमर्श शुरू हो गया है. संयुक्त राष्ट्र अधिकारी सेम्युल टेमरेट ने कहा कि नेपाल में शांति बहाली के लिए संयुक्त राष्ट्र हर संभव मदद करने के लिए तैयार है. सेम्युल टैमरट नेपाल के दस दिन के दौरे पर आए हुए हैं. सेम्युल टेमरेट ने नेपाल के उप प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात की है. केपी शर्मा ओली के पास विदेश मंत्रालय का पदभार भी है. संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने माधव कुमार नेपाल और राम चंद्र समेत कई नेपाली नेताओं से भी मुलाकात की. जब सेम्युल टेमरेट से माओवादियों के हथियारों के प्रबंधन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर अभी से बात करना जल्दबाज़ी होगी. नेपाल सरकार और माओवादी दोनों ही संघर्षविराम की घोषणा कर चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि शांति वार्ता बहुत जल्द शुरू हो सकती है. कई दिनों के जनआंदोलन के बाद पिछले महीने नेपाल नरेश ने नेपाली संसद बहाल कर दी थी. इसके बाद संसद ने प्रस्ताव पारित कर कहा था कि नई संविधान सभा के लिए चुनाव होंगे और ये सभा नया संविधान लिखने का काम करेगी. ये माओवादियों की मुख्य माँग रही है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि माओवादियों से हथियार डलवाना एक संवेदनशील मुद्दा है और यहाँ संयुक्त राष्ट्र की भूमिका अहम हो सकती है. लेकिन पर्यवेक्षकों का ये भी मानना है कि इस बात की संभावना कम ही है कि पड़ोसी देशों भारत और चीन की सहमति के बगैर नेपाल सरकार संयुक्त राष्ट्र को मध्यस्थता के लिए सीधे तौर पर आमंत्रित करे. |
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