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'प्रधानमंत्री कोइराला जल्द भारत आएंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला के 11 से 23 मई के बीच भारत यात्रा पर आने की उम्मीद है. बीबीसी के कार्यक्रम आपकी बात बीबीसी के साथ में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने नेपाल से लौटने के बाद ये जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कोइराला की यात्रा के दौरान भारत एक आर्थिक पैकेज की भी घोषणा कर सकता है. येचुरी ने नेपाल में सात विपक्षी दलों और माओवादियों को एक साथ लाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने बताया,'' प्रधानमंत्री कोइराला के साथ बातचीत में नेपाल की आर्थिक स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठा.'' उनका कहना था कि शांति बहाली, माओवादियों के साथ बातचीत और शाक्तिशाली लोकतंत्र सभी नेपाल के लिए महत्वपूर्ण हैं. लेकिन अर्थव्यवस्था सबसे अहम है और हम भारत सरकार से इस ओर ध्यान देने के लिए कहेंगे. कार्यक्रम सीपीएम नेता का कहना था कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री कोइराला भारत की जल्द यात्रा करें. यह पूछे जाने पर कि कोइराला की यात्रा का कार्यक्रम तय हो गया है, इस पर उनका कहना था, '' विधानसभा चुनाव 11 मई को समाप्त हो जाएंगे और संसद का सत्र 23 मई तक चलेगा, इस दौरान हम प्रधानमंत्री कोइराला की भारत यात्रा की उम्मीद कर रहे हैं.'' भारत से उम्मीद की जा रही है कि मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वह आर्थिक पैकेज को अंतिम रूप दे देगा. येचुरी का कहना था कि गिरिजाप्रसाद कोइराला का प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेना एक सकारात्मक संकेत है और नेपाल में अब नया माहौल दिखाई दे रहा है, इससे वहाँ लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत होंगी. माओवादियों के मुख्यधारा में आने के सवाल पर उन्होंने कहा,'' एक ओर उम्मीद है तो दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत है. उम्मीद की जा रही है कि वे बातचीत में हिस्सा लेंगे.'' उन्होंने कहा कि माओवादियों ने दो सकारात्मक फ़ैसले किए हैं. एक तो उन्होंने राजधानी काठमांडू की घेराबंदी समाप्त कर दी है. दूसरे उन्होंने तीन महीने के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की है. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों से बातचीत का आह्वान30 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाली संसद की ऐतिहासिक बैठक हुई27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस आसान नहीं है नेपाल में लोकतंत्र की राह27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने किया संघर्षविराम26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री पद के लिए कोइराला चुने गए25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में घटनाचक्र: एक नज़र23 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस क्या राजा ज्ञानेंद्र ने बहुत देर कर दी?21 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडू में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी20 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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