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बीपीपीएफ़ ने समर्थन की पेशकश की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में बीपीपीएफ़ यानि बोडोलैंड पीपल्स प्रोग्रेसिव फ़्रंट ने कहा है कि वो प्रदेश में सरकार बनाने में कांग्रेस की मदद करेगी. आदिवासी पार्टी बीपीपीएफ़ के प्रमुख हंगरामा मोहिलरी ने कहा है कि अगर असम में गठबंधन सरकार बनती है तो उनकी पार्टी को मंत्रीमंडल में पाँच पद चाहिए. असम में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को 53 सीटें मिली हैं जबकि बीपीपीएफ़ को दस सीटें मिली हैं. असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं और कांग्रेस बहुमत हासिल नहीं कर पाई है. बीपीपीएफ़ के प्रमुख हंगरामा मोहिलरी ने कहा है कि उनकी पार्टी के समर्थन से कांग्रेस पार्टी असम में सरकार बना सकती है. हंगरामा मोहिलरी पूर्व विद्रोही नेता हैं. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस बीपीपीएफ़ की माँग स्वीकार करेगी या नहीं. लेकिन असम के वर्तमान मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने संकेत दिए हैं कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकर कर सकते हैं क्योंकि हंगरामा मोहिलरी ये कह चुके हैं कि वे गोगोई को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं. पर्यवेक्षकों का कहना है कि बीपीपीएफ़ के समर्थन के चलते, असम कांग्रेस में नेतृत्व का मुद्दा गोगोई के पक्ष में जा सकता है. और इसके बदले तरुण गोगोई बीपीपीएफ़ की माँगे काफ़ी हद तक मान सकते हैं. इस बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, संतोष मोहन देब और मोहसिना किदवई असम पहुँच गए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक तरुण गोगोई के नेतृत्व पर खतरा कम ही है क्योंकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी और असम कांग्रेस अध्यक्ष भुबनेश्वर कालिता चुनाव हार गए हैं. |
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