|
केरल और बंगाल में लाल की लहर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद जहां पश्चिम बंगाल और केरल में वाम मोर्चे की सरकारें बनने वाली हैं वहीं तमिलनाडु और असम में गठबंधन सरकारें बनने जा रही हैं. पश्चिम बंगाल में एक बार फिर बुद्धदेव भट्टाचार्य का मुख्यमंत्री बनना तय है लेकिन केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बरकरार है. केरल में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर पोलित ब्यूरो की बैठक 13 तारीख को होनी है. पश्चिम बंगाल में कहा जा रहा है कि जिस तरह बुद्धदेव को उम्मीदवारों के चयन में खुली छूट दी गई थी वैसे ही कैबिनेट के गठन में भी उनको पूरी आज़ादी दी जाएगी. उधर केरल में कांग्रेस गठबंधन (यूडीएफ़) को सत्ता से बाहर करते हुए वामपंथी दलों के गठबंधन (एलडीएफ़) ने पाँच साल बाद सत्ता में लौटने की राज्य की परंपरा को क़ायम रखा है. वहाँ 140 सीटों में से 95 सीटों पर एलडीएफ़ को जीत मिली है जबकि यूडीएफ़ 43 सीटों पर सिमट गई है. दो सीटें अन्य के खाते में गई हैं. तमिलनाडु और असम तमिलनाडु में पहली बार गठबंधन सरकार बनने की संभावना है जहां द्रमुक को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. द्रमुक तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली है. 234 सीटों वाली विधानसभा में जयललिता की पार्टी एआईडीएमके और उनके सहयोगी दलों को सिर्फ़ 71 सीटें मिली हैं. जबकि डीएमके और सहयोगी दलों को 163 सीटों पर जीत हासिल हुई है. एक सीट अन्य के खाते में गई है. डीएमके सरकार को पीएमके और वामपंथी दलों ने बाहर से समर्थन देने का आश्वासन दिया है. डीएमके की अपनी 96 सीटें हैं जबकि पीएमके की 18, सीपीएम की 9 और सीपीआई की 6 सीटें हैं. तमिलनाडु में कांग्रेस के पास 34 सीटें है. असम में कांग्रेस को जीत तो मिली है लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे सहयोगी दलों का सहारा लेना पड़ेगा. इसी तरह पांडिचेरी में भी सहयोगी दलों के साथ कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में दिख रही है. कुल 126 सीटों वाली असम विधानसभा में कांग्रेस को 55 सीटों पर जीत हासिल हुई है. जबकि असम गण परिषद को सिर्फ़ 26 सीटें ही मिल सकी हैं. अन्य के खाते में 45 सीटें जा रही हैं. इस तरह वहाँ कांग्रेस को अपनी सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों का सहारा लेना पड़ेगा. असम में अब तक मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे तरुण गोगोई ने विश्वास व्यक्त किया है कि वहाँ कांग्रेस को ज़रुरी समर्थन आसानी से मिल जाएगा. उन्होंने कहा, "हमें बोडो पार्टी का समर्थन मिल जाएगा और हम एक स्थिर गठबंधन सरकार देंगे." कांग्रेस आलाकमान ने महासचिव दिग्विजय सिंह और मोहसिना किदवई को असम भेजा है. पिछली बार वहाँ कांग्रेस ने 71 सीटें जीतकर अपने ही दम पर सरकार बनाई थी. पांडिचेरी उधर पांडिचेरी में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है. ख़बरें हैं कि डीएमके कांग्रेस की सरकार को पांडिचेरी में बाहर से समर्थन देने को राज़ी है. वहाँ 30 सीटों में से 12 पर डीएमके, 13 पर कांग्रेस और तीन सीटों पर एआईडीएमके को जीत मिली है. दो सीटों पर अन्य दल विजयी हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें न कोई विरोध न नाराज़गी11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सोनिया के प्रतिद्वंद्वियों की ज़मानत ज़ब्त11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस करुणानिधि की वापसी का रास्ता साफ़11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में 65 फीसदी मतदान08 मई, 2006 | भारत और पड़ोस तीन राज्यों में मतदान ख़त्म08 मई, 2006 | भारत और पड़ोस केरल में दूसरे चरण में 70 फ़ीसदी मतदान28 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस तीसरे चरण में 71 प्रतिशत मतदान26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस केरल में विकास है चुनावी मुद्दा21 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||