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करुणानिधि की वापसी का रास्ता साफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानो के मुताबिक ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सत्ता का पासा एक बार फिर पलट रहा है और सत्ता डीएमके गठबंधन के पाले में जाती नज़र आ रही है. उधर पांडिचेरी में कांग्रेस गठबंधन डीपीए और अन्नाद्रमुक की अगुआई वाली डीपीईए के बीच कांटे की टक्कर है. पांडिचेरी से अभी तक कुल 30 विधानसभा सीटों में से 13 के परिणाम घोषित हुए हैं. इनमें से सात पर डीपीए उम्मीदवारों की जीत हुई है जबकि छह डीपीईए के खाते में गई है. पर सबसे रोचक स्थिति है तमिलनाडु की जहाँ जनता ने मौजूदा शासन के ख़िलाफ़ मतदान करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार फिर से राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत दिए हैं.
प्राप्त रुझानों से करुणानिधि के गठबंधन को स्पष्ट जनादेश मितने की संभावना नज़र आ रही है. इसके साथ ही करुणानिधि का पांचवी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया है. द्रमुक ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री जयललिता की शासकीय विफलता को अहम मुद्दा बनाया था. बिखरे समीकरण हालांकि चुनावी गणित में माहिर जयललिता ने ऐन मौके पर एमडीएमके नेता वाइको को अपने पाले में लाकर अन्नाद्रमुक की संभावनाओं को मज़बूत बनाने की कोशिश की थी. वाइको ने द्रमुक पर सीटों के बंटवारे में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए अम्मा से हाथ मिला लिया था पर इसका कोई लाभ मिला, परिणामों को देखते हुए यह कह पाना कठिन ही है. उधर चुनाव से पहले ही भाजपा ने भी जयललिता से पल्ला झाड़ लिया था.
द्रमुक गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने केन्द्र सरकार की नीतियों को प्रचारित कर यह बताया कि तमिलनाडु के विकास के लिए योजनाओं की कमी नही है लेकिन राज्य सरकार इन्हें लागू करने में विफल रही है. विपक्षी द्रमुक गठबंधन ने राज्य सरकार पर विनाशकारी सुनामी से हुए नुकसान और किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए जनता से उन्हें समर्थन देने की अपील की. हालांकि दोनों गठबंधनों की ओर से लोक लुभावन चुनावी वायदों की झड़ी लगी. जयललिता ने जहां दोबारा सत्ता में आने पर मुफ़्त रंगीन टेलीविजन सेट बांटने का ऐलान किया वहीं द्रमुक ने मात्र दो रुपये किलो चावल और गेहूं देने का वायदा किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें तमिलनाडु में द्रमुक; प. बंगाल और केरल में वाममोर्चा आगे11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पाँच राज्यों के चुनाव नतीजे11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पाँच राज्यों में मतों की गिनती शुरू10 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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