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महाजन का एक और ऑपरेशन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन का एक और छोटा सा ऑपरेशन रविवार को किया गया है लेकिन अभी भी उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. हिंदूजा अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि उनके शरीर में अतिरिक्त द्रव्य को निकालने के लिए ऑपरेशन करना ज़रुरी था. शनिवार की सुबह महाजन को उनके अपने ही भाई ने गोली मार दी थी जिसके बाद से वो गंभीर हालत में अस्पताल में हैं. महाजन को मधुमेह की बीमारी है और डॉक्टरों का कहना है कि उनके लीवर से बह रहे खून को रोकने से उनकी जान बच सकती है. महाजन के स्वास्थ्य पर नज़र रखने के लिए ब्रिटेन से विशेषज्ञ डॉक्टर भी भारत आए हैं. रविवार की सुबह महाजन को थोड़ी देर के लिए होश आया था और उन्होंने अपनी आँखें खोलीं और हाथ हिलाया. हालांकि लेकिन वे अभी भी जीवन रक्षक उपकरणों और दवाओं पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों ने बताया है कि उनके लीवर से ख़ून का बहना कम तो हुआ है लेकिन रुका नहीं है. पुलिस का कहना है कि उनके भाई प्रवीण महाजन ने ही गोली चलाई थीं और उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बाद इसे स्वीकार भी कर लिया है. निगरानी रविवार की सुबह प्रमोद महाजन के बारे में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कुछ जानकारियाँ दी हैं. सघन चिकित्सा कक्ष में वेंटिलेटर पर रखा गया है और उनका ब्लड प्रेशर सामान्य रखने के लिए दवाइयाँ दी जा रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि महाजन की किडनी ठीक तरह से काम कर रही है लेकिन लीवर से ख़ून का बहना अभी बंद नहीं हुआ है. भाजपा के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई पहुँचकर प्रमोद महाजन की तबियत के बारे में जानकारी ली है और देश के सभी वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. नेताओं के अलावा रविवार को रिलायंस उद्योग से जुड़े अंबानी बंधु और अमिताभ बच्चन भी महाजन को देखने अस्पताल पहुंचे. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रमोद महाजन को भाई ने गोली मारी22 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस हाईप्रोफ़ाइल नेता रहे हैं प्रमोद महाजन22 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस महाजन पर हुए हमले पर दुख22 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस आसान नहीं है राजनाथ की डगर31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आडवाणी हटे, राजनाथ अध्यक्ष31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वाजपेयी ने सक्रिय राजनीति से सन्यास लिया29 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हिंदुत्व की ओर वापस लौटने के संकेत22 जून, 2004 | भारत और पड़ोस हार की कई वजहें होती हैं - महाजन13 मई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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