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प्रमोद महाजन को भाई ने गोली मारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भाजपा के वरिष्ठ नेता और महासचिव प्रमोद महाजन को उनके मुंबई स्थित निवास पर शनिवार की सुबह कथित रूप से उनके भाई ने ही गोली मार दी है. उन्हें मुंबई के ही हिंदूजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनका ऑपरेशन किया गया है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रमोद महाजन की स्थिति गंभीर है और उन्हें सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है. पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रमोद महाजन के भाई प्रवीण महाजन ने वरली पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. हिंदुजा अस्पताल के निदेशक (प्रशासन) अनुपम वर्मा ने पत्रकारों को बताया कि प्रमोद महाजन को तीन गोलियाँ लगी हैं जिससे उनके लीवर और पैन्क्रियाज़ को नुक़सान पहुँचा है. वर्मा ने कहा कि इन दोनों हिस्सों से काफ़ी रक्तश्राव हुआ है. लंबे ऑपरेशन के बाद चिकित्सक पैन्क्रियाज़ से ख़ून के रिसाव को तो रोकने में सफल रहे हैं पर लीवर से रक्तस्राव अभी पूरी तरह से नहीं रोका जा सका है. घटना शनिवार सुबह क़रीब पौने आठ बजे हुई.
मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के अनुसार किसी घरेलू विवाद की वजह से गोलियाँ चलाई गई हैं. हालांकि पुलिस इस समय इसके बारे में कोई विवरण नहीं दे रही है. इस बीच हिंदूजा अस्पताल के बाहर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ता इकट्ठा होने लगे हैं. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री राम नाइक और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे अस्पताल पहुँच चुके हैं. पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू सहित कई बड़े नेता मुंबई पहुँच रहे हैं. लालकृष्ण आडवाणी अपनी रथयात्रा बीच में ही रोककर प्रमोद महाजन को देखने मुंबई पहुँचे. भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और पूरी पार्टी इस घटना को लेकर स्तब्ध है. | इससे जुड़ी ख़बरें हाईप्रोफ़ाइल नेता रहे हैं प्रमोद महाजन22 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस महाजन पर हुए हमले पर दुख22 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस आसान नहीं है राजनाथ की डगर31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आडवाणी हटे, राजनाथ अध्यक्ष31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वाजपेयी ने सक्रिय राजनीति से सन्यास लिया29 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हिंदुत्व की ओर वापस लौटने के संकेत22 जून, 2004 | भारत और पड़ोस भाजपा कार्यकारिणी में ज़ोर आज़माइश22 जून, 2004 | भारत और पड़ोस हार की कई वजहें होती हैं - महाजन13 मई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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