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नेपाल नरेश जनता को सत्ता सौंपने को राज़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने देश की सत्ता जनता को सौंपने की बात की है. राष्ट्र को संबोधन में उन्होंने राजनीतिक दलों से अंतरिम प्रधानमंत्री का नाम सुझाने को कहा है. इस बीच राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा. नेपाल सरकार ने राजधानी काठमांडू में विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दिन का कर्फ़्यू बढ़ा दिया है. कर्फ़्यू स्थानीय समयानुसार आठ बजे तक जारी रहेगा. राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों की हड़ताल अब तीसरे हफ़्ते में प्रवेश कर गई है. विपक्षी दलों के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारी राजा ज्ञानेंद्र के प्रत्यक्ष शासन से मुक्ति चाहते हैं और उनकी मांग है कि देश में लोकतंत्र बहाल हो. काठमांडू में मौजूद बीबीसी संवाददाता संजय मजूमदार का कहना है कि शुक्रवार को लोग राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं हालांकि गुरुवार के मुकाबले ये संख्या कम है. उधर नेपाल के लिए भारत के विशेष दूत कर्ण सिंह ने भारत लौटने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की है. कर्ण सिंह कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले. अंतिम संस्कार इस बीच गुरुवार को नेपाल में गोलीबारी में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार करना सेना ने शुरू कर दिया है. बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि बासु घिमिरे नाम के एक प्रदर्शनकारी का संस्कार काठमांडू में बागमती नदी के किनारे किया गया. मृतक की पत्नी ने संस्कार में आने से इनकार कर दिया.अंतिम संस्कार के दौरान मृतक का केवल एक रिश्तेदार मौजूद था. अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद गीता शाही नाम की एक महिला ने बताया उधर नेपाली कांग्रेस पार्टी के नेता केपी सितौला ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा," कर्फ़्यू के बावजूद बहुत लोग सड़कों पर आए हैं. ये संकेत है कि हमारा आंदोलन सफल रहा है." संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हो रहे अत्यधिक बल प्रयोग की आलोचना की है. गुरुवार को सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में राजधानी काठमांडू में जुटे थे. कर्फ़्यू का उल्लंघन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोलियाँ चलाई जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी काठमांडू में कर्फ़्यू का उल्लंघन कर राजा ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ लगभग एक लाख लोग प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे थे और उन पर सुरक्षाबलों ने 'अंधाधुंध' गोलीबारी की. पिछले दो हफ़्तों से नेपाल में चल रहे प्रदर्शनों में कम से कम 14 |
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