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केरल:पहले चरण का चुनाव प्रचार थमा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण भारतीय राज्य केरल में विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार गुरुवार को समाप्त हो गया है. इस चरण में 59 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान शनिवार को होगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नलिनी नेट्टो ने बताया कि 22 अप्रैल को होनेवाले मतदान की तैयारियाँ पूरी कर ली गईं हैं. इस चरण के लिए 8451 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं. साथ ही 865 मतदान केंद्रों पर डिज़िटल कैमरे स्थापित किए गए हैं. इस चरण में केरल के दक्षिणी ज़िलों, तिरुअनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टायम और इडुकी जैसे स्थानों में मतदान होगा. पिछले दो दिनों से यहाँ चुनाव प्रचार चरम पर था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सीपीएम नेता प्रकाश कारत, सीपीआई नेता एबी बर्धन और वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने चुनाव सभाएं कीं. केरल में चुनावी मुक़ाबला मुख्त रूप से कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा(यूडीएफ़) और माकपा की अगुवाई वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा(एलडीएफ़) के बीच है. यूडीएफ़ नेता और राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी का कहना है कि उनके गठबंधन का मुख्य चुनावी मुद्दा विकास है. जबकि यूडीएफ़ का कहना है कि सत्तारूढ़ गठबंधन की नीतियों का लाभ केवल संपन्न वर्ग को मिला है. हालांकि भाजपा इन दोनों गठबंधनों के मुक़ाबले में कहीं भी नहीं है लेकिन उसने ज़्यादातर सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. केरल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल और तीसरे चरण का 3 मई को होगा. |
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