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अलीगढ़ के डीएम और एसपी निलंबित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में गुरुवार को हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद ज़िले के अनेक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है जिनमें ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी हैं. इस बीच सरकार ने दंगों की जाँच के लिए एक समिति गठित की है जिसमें एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एके मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसके रिज़वी हैं. समिति से कहा गया है कि वह दंगों के लिए ज़िम्मेदारी तय करे और ये उपाय भी सुझाए कि भविष्य में इस तरह के दंगे भड़कने से पहले ही रोकने के लिए क्या किया जाए. ग़ौरतलब है कि गुरुवार को रामनवमी के मौक़े पर दो समुदायों के बीच हुई झड़पों के बाद पुलिस फ़ायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी और 19 घायल हो गए. अलीगढ़ के ज़िलाधिकारी राजेश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक अजय आनंद का पहले तबादला कर दिया गया था जिसके बाद भुवनेश कुमार को नया ज़िलाधिकारी बनाया गया है जबकि अखिल कुमार को नया एसएसपी बनाए गया था. राज्य के प्रधान गृह सचिव सतीश कुमार ने बीबीसी को बताया कि लापरवाही और दंगों पर नियंत्रण नहीं कर पाने के आरोप में शुक्रवार देर शाम चार और अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया. इससे पहले राजधानी लखनऊ में एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया था कि अतिरिक्त ज़िलाधिकारी सत्यभान और नगर पुलिस अधीक्षक एसके वर्मा को निलंबित कर दिया गया. कुल मिलाकर अलीगढ़ के छह वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. रोक पुलिस महानिरीक्षक रिज़वान अहमद ने बीबीसी को बताया कि दंगे से प्रभावित इलाक़े से एक और शव मिला है लेकिन उनका कहना है कि इसका संबंध दंगे से नहीं लगता.
राजधानी लखनऊ में प्रमुख गृह सचिव सतीश अग्रवाल ने कहा है कि पूरे राज्य में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. संवेदनशील इलाक़ों में दंगा पुलिस को तैनात किया गया है. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए देने की घोषणा की है और घायलों को 50-50 हज़ार रुपए दिए जाएँगे. तनाव क़ायम इस बीच अलीगढ़ में गुरुवार को हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन रात में कोई उपद्रव नहीं हुआ. गुरुवार को रामनवमी के मौक़े पर एक मंदिर की सजावट को लेकर दोनों समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई थी. बाद में पुलिस फ़ायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हुए हैं. अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक़ लोगों की मौत राइफ़ल की गोली लगने से हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि पुलिस को हिंसा रोकने के लिए गोलियाँ चलानी पड़ी. प्रशासन की अगुआई में गुरुवार रात दोनों समुदायों के लोगों के बीच बैठक भी कराई गई. ज़िलाधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी. वैसे गुरुवार की घटना के बाद अलीगढ़ में अर्धसैनिक बलों और रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवान ग़श्त लगा रहे हैं और इलाक़े के शीर्ष अधिकारी भी शहर में कैंप कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अलीगढ़ में सांप्रदायिक दंगा, चार की मौत06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस एएमयू में मुसलमानों को आरक्षण नहीं05 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस शैक्षिक संस्थाओं में आरक्षण पर राजनीति15 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस फीका रहा संस्थापक दिवस इस बार17 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस एएमयू पर बड़ा राजनीतिक विवाद05 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस एएमयू में आरक्षण का विरोध09 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस अनूठी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी17 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस अलीगढ़ में कर्फ़्यू के बाद शांति02 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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