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एएमयू पर बड़ा राजनीतिक विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मुसलमानों के आरक्षण को लेकर आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. एक ओर जहाँ केंद्र सरकार ने अदालत के फ़ैसले को अनावश्यक बताया है. वहीं भाजपा ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि एएमयू में मुसलमानों को आरक्षण देने का फ़ैसला देश के तानेबाने को छिन्नभिन्न करने वाला था. उधर समाजवादी पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस ने मुस्लिम वोट जुटाने के लिए आरक्षण का फ़ैसला किया था. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संसद द्वारा 1981 में किए गए संविधान संशोधन को रद्द करते हुए कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं दिया जा सकता. बचाव
बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि एएमयू स्वायत्तशासी संस्था है और वह अपने लिए कोई भी निर्णय ले सकता है. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुसलमान छात्रों के हित में ये निर्णय लिया था और इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सरकार समुचित क़ानूनी क़दम उठाएगी. उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है और उसके फ़ैसले पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को कांग्रेस पार्टी ने इस विवाद से अपने आपको बचाने की कोशिश करते हुए कहा है कि वह मानती है कि एएमयू का स्वरूप एक अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का है और पार्टी इसे मानती है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि आरक्षण का फ़ैसला विश्वविद्यालय का अपना फ़ैसला था और इस पर पार्टी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती. स्वागत भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी ने हाईकोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि एएमयू में आरक्षण देकर केंद्र की यूपीए सरकार ने एक सम्मानित शैक्षिक संस्थान को मदरसा में तब्दील कर देने का षडयंत्र रचा था. उन्होंने कहा कि 50 फ़ीसदी सीटें मुसलमानों के लिए आरक्षित करने के फ़ैसले से देश का ताना-बाना छिन्न भिन्न होने का ख़तरा था. मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि आरक्षण का फ़ैसला राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था. समाजवादी पार्टी का आरोप भाजपा की तरह ही राजनीतिक लाभ का आरोप उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने भी लगाया है. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मोहम्मद आज़म ख़ान ने कहा, "केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने एएमयू के कुलपति के साथ मिलकर मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए आरक्षण का फ़ैसला किया था." हालांकि उन्होंने एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे को बरकरार रखने की हिमायत की है. उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल संसद का विशेष सत्र बुलाकर एएमयू को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा देने के लिए समुचित क़ानूनी सुधार करना चाहिए. माँग राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने हाईकोर्ट के इस फ़ैसले का विरोध करते हुए कहा है कि सरकार को अल्पसंख्यकों की हित रक्षा के लिए आवश्यक क़दम उठाया जाना चाहिए. आयोग के अध्यक्ष तरलोचन सिंह ने कहा है कि यह आम धारणा है कि एएमयू एक मुस्लिम विश्वविद्यालय है और इस धारणा को ख़त्म करना आसान नहीं हैं. |
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