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निजी क्षेत्र में आरक्षण की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने निजी क्षेत्र में आरक्षण की माँग की है. दिल्ली में आयोजित एक रैली में मायावती ने कहा कि हर सरकारी महकमे में आरक्षण अधूरा है. उनका कहना था कि अनुसूचित जाति के लोगों को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. मायावती ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि मनुवादी पार्टियों की साजिश के कारण बहुजन समाज को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. मायावती ने न्यायपालिका में भी आरक्षण की वकालत की और कहा कि निजी क्षेत्र, न्यायपालिका, मंत्रिपरिषद, राज्यसभा जैसे क्षेत्रों में आरक्षण की सुविधा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने एक ओर तो निजी क्षेत्र में आरक्षण की माँग की तो लगे हाथों अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से चंदे की भी माँग कर डाली. मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी को चंदे की ज़रूरत है. उनका कहना था कि कांग्रेस से लेकर भाजपा तक उद्योगपतियों से चंदा लेती हैं और जीतने के बाद उन्हीं के लिए नीतियाँ बनाकर काम करती हैं. उन्होंने अपने समर्थकों से पार्टी को खुलकर चंदा देने की अपील की. हालांकि बहुजन समाज पार्टी यूपीए सरकार के समर्थक दलों में गिनी जाती है. लेकिन आजकल वह चर्चा में कम रहती है. प्रेक्षकों का कहना है कि मायावती समय समय पर ऐसी रैलियाँ कर अपनी ताकत का अहसास कराती रहती हैं. इसमें वो न तो कांग्रेस को छोड़ती हैं और न भाजपा को. दिल्ली में आयोजित रैली इसी श्रृंखला की एक कड़ी मानी जा रही है. |
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