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आरक्षण सिर्फ़ ग़रीब मुसलमानों को:रेड्डी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने कहा है कि सिविल सेवाओं में मुसलमानों के लिए पाँच प्रतिशत आरक्षण की योजना का लाभ सिर्फ़ उन्हीं मुसलमानों को मिलेगा जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े हुए हैं. राजशेखर रेड्डी ने बीबीसी के हार्ड टॉक कार्यक्रम में कहा कि यह आरक्षण पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए नहीं है. यह कार्यक्रम बीबीसी वर्ल्ड टेलीविज़न पर शुक्रवार 23 जुलाई को दिखाया जाना है. ग़ौरतलब है कि आँध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने मुसलमानों के ग़रीब और पिछड़े तबके को पाँच प्रतिशत आरक्षण देने के सरकार के फ़ैसले पर गुरूवार को रोक लगा दी. राजशेखर रेड्डी राज्य के क़र्ज से त्रस्त किसानों से आत्महत्याएँ नहीं करने की गुज़ारिश पहले ही कर चुके हैं. किसान ग़ौरतलब है कि आँध्र प्रदेश में पिछले क़रीब छह साल में तीन हज़ार से ज़्यादा ऐसे किसान आत्महत्या कर चुके हैं जो क़र्ज़ से दबे हुए थे और उनकी खेतीबाड़ी भी अच्छी नहीं हो रही थी. बीबीसी के हार्ड टॉक कार्यक्रम में राजशेखर रेड्डी से सवाल पूछने वाले करण थापर ने उनसे पूछा कि वह आरक्षण नीति को किस तरह बयान करेंगे तो उनका जवाब था, "हम यही कहेंगे कि जो भी आरक्षण होगा वह अल्पसंख्यकों के अमीर तबके के लिए नहीं होगा." सवाल - लेकिन अभी तक तो आपने ऐसा कुछ नहीं कहा है? जवाब - नहीं, हम अभी नीति को अंतिम रूप दे रहे हैं. सवाल - अगर दूसरे शब्दों में कहें तो मुस्लिम समुदाय के अमीर लोगों को इस आरक्षण नीति से बाहर रखा जाएगा. जवाब - जी हाँ, हमारा इरादा है कि आरक्षण नीति से ऐसे लोगों को बाहर रखा जाए जिनकी आमदनी ठोस है. सवाल - इस तरह जो मुसलमान सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े हुए हैं, उन्हें ही आरक्षण का फ़ायदा मिलेगा. जवाब - जी हाँ, आप सही कह रहे हैं. मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने राज्य के बारे में कहा कि दरअसल पिछले तीन साल से वहाँ लगातार सूखा पड़ रहा था जिससे हालात काफ़ी ख़राब हो गए थे. किसानों की आत्महत्या को उन्होंने कृषि क्षेत्र में संकट की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि वह इस संकट को लेकर वाक़ई चिंतित हैं. राजशेखर रेड्डी ने कहा कि वह राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने का इरादा रखते हैं ताकि कृषि क्षेत्र को संभलने और प्रगति करने का मौक़ा मिल सके और इसके लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं. |
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