|
किसान परिवारों की मदद का वादा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आंध्र प्रदेश का दौरा करके वहाँ के किसानों से मुलाक़ात की है. उन्होंने कूरनूल और महबूबनगर ज़िलों का दौरा किया जहाँ किसानों ने कर्ज़ से तंग आकर बड़ी संख्या में आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने करनूल ज़िले के सोमायाजुलापाले गाँव में जाकर किसान परिवारों से मुलाक़ात की है. प्रधानमंत्री ने किसानों के परिजनों से कहा, "मैंने यहाँ जो कुछ देखा और सुना है उससे अंदाज़ा होता है कि यहाँ के किसान कितनी तकलीफ़ में हैं." मनमोहन सिंह ने वादा किया, "राज्य और केंद्र सरकार आपकी तकलीफ़ों को दूर करने का हरसंभव प्रयास करेगी." प्रधानमंत्री ने किसानों को बताया कि वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पहले ही किसानों के राहत के लिए कुछ उपायों की घोषणा की है जबकि राज्य के मुख्यमंत्री भी राहत पैकेज का ऐलान कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों के साथ बात करेगी कि उन किसान परिवारों को रियायत मिल सके जिनके घर में सूखे की वजह से आत्महत्या की घटनाएँ हुई हैं. सिर्फ़ सोमायाजुलापाले गाँव में 1998 से अब तक 53 किसानों ने आत्महत्या की है. प्रधानमंत्री बनने के बाद किसी भी राज्य की यह उनकी पहली यात्रा है. इसके बाद प्रधानमंत्री महबूबनगर ज़िले के धर्मापुर गाँव गए जहाँ पिछले डेढ़ महीने में 31 किसानों ने आत्महत्या की है. प्रधानमंत्री वहाँ भी किसानों के परिवारजनों से मुलाक़ात करके उन्हें मदद का आश्वासन दिया. प्रदेश के कांग्रेस मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी उनके साथ हैं. संभावना है कि प्रधानमंत्री सिंह वहाँ किसानों के लिए किसी राहत पैकेज की घोषणा करेंगे. आंध्र प्रदेश में पिछले चार-पाँच सालों से सूखा पड़ा हुआ है और अनुमान है कि अब तक तीन हज़ार से ज़्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||