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आत्महत्या की जाँच के लिए समिति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने किसानों के आत्महत्या के मामलों की जाँच के साथ-साथ मुआवज़े की राशि तय करने के लिए चार मंत्रियों की समीति बनाने का फैसला किया है. सोमवार को हैदराबाद में कैबिनेट की पहली बैठक में इसकी घोषणा की गई. सरकार एक समय सीमा तय करने पर भी विचार कर रही है जिसके बीत जाने के बाद मृत किसान के परिवार वालों को मुआवज़ा नहीं दिया जाएगा. नई सरकार ने कमान संभालते ही मृत किसान के परिवार वालों को मुआवज़ा दिए जाने की घोषणा की थी जिसके बाद आत्महत्या के मामले बढ़ते हुए नज़र आए. नए मामले पिछले 10 दिनों के भीतर ही किसानों की आत्महत्या के चालीस नए मामले दर्ज हुए है. मुख्य मंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने इस पर चिंता जताई है.
जब कॉंग्रेस विपक्ष में थी तब उसने मरने वाले किसानों की संख्या को तीन हज़ार बताया था. कॉंग्रेस ने तेलगू देशम सरकार पर इस मामले में हाथ पर हाथ रख कर बैठे रहने का आरोप भी लगाया था. अब कांग्रेस सरकार ने बदहाल किसानों की मदद के लिए हेल्प-लाइन शुरु की है जिसके ज़रिए वो प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं. पिछले पाँच दिनों में ही राज्य के सात अलग अलग ज़िलों में क़रीब पचास लोगों ने टेलिफोन के ज़रिए प्रशासन से संपर्क किया है. |
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