| पारदर्शी सरकार रेड्डी की प्राथमिकता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री डॉक्टर वाईएस राजशेखर रेड्डी ने कहा है कि उनकी सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेगी. उन्होंने घोषणा की है कि उनकी सरकार के गठन के पहले ही दिन से किसानों को मुफ़्त बिजली दी जाएगी. राज्य में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद विधायक दल ने बुधवार को सर्वसम्मति से राजशेखर रेड्डी को अपना नेता चुना और वह 15 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बुधवार को हैदराबाद में केंद्रीय पर्यवेक्षकों--ग़ुलाम नबी आज़ाद और शिवराज पाटिल की मौजूदगी में उन्हें नेता चुना गया. मुख्य मंत्री पद के लिए रेड्डी का नाम तय होने के बाद उन्होंने कहा कि एक साख वाली पारदर्शी सरकार चलाना उनकी प्राथमिकता होगी. रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार का आकार छोटा होगा और उसमें समाज के सभी तबकों की नुमाइंदगी भी होगी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कृषि, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा और रोज़गार को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी. अपनी जीत के लिए राज्य के लोगों और नए विधायकों का शुक्रिया अदा करते हुए रेड्डी ने कहा कि वह पीने के पानी की समस्या को सुलझाने के लिए भी तुरंत असरदार क़दम उठाएंगे. राज्य के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रदेश काँग्रेस के वरिष्ठ नेता डी श्रीनिवास भी दौड़ में शामिल बताए जा रहे थे लेकिन रेड्डी को शुरू से ही दौड़ में आगे माना जा रहा था. इस्तीफ़ा काँग्रेस गठबंधन ने राज्य विधानसभा चुनाव में ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए 294 में से 226 सीटें जीती हैं. अकेले काँग्रेस ने 185 सीटों पर जीत हासिल की है.
तेलुगूदेशम और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन को सिर्फ़ 49 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है. काँग्रेस ने यह चुनाव तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के साथ मिलकर लड़ा था. गुलाम नबी आज़ाद ने स्पष्ट किया कि सरकार में टीआरएस को ज़रूर शामिल किया जाएगा. दुसरी ओर भारी हार से निराश-हताश चंद्रबाबू नायडू ने राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला से मिलकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया. राज्यपाल ने कोई व्यवस्था होने तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है. रेड्डी 15 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. |
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