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राजशेखर रेड्डी बनेंगे आंध्र के मुख्यमंत्री | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में ज़बरदस्त जीत हासिल करने के बाद बुधवार को काँग्रेस विधायक दल ने वाईएस राजशेखर रेड्डी को अपना नेता चुन लिया है. वे 14 मई को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, बुधवार को हैदराबाद में केंद्रीय पर्यवेक्षकों--ग़ुलाम नबी आज़ाद और शिवराज पाटिल की मौजूदगी में उन्हें नेता चुना गया. राज्य के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रदेश काँग्रेस के वरिष्ठ नेता डी श्रीनिवास भी दौड़ में शामिल बताए जा रहे थे लेकिन रेड्डी को शुरू से ही दौड़ में आगे माना जा रहा था. इस्तीफ़ा काँग्रेस गठबंधन ने राज्य विधानसभा चुनाव में ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए 294 में से 226 सीटें जीती हैं. अकेले काँग्रेस ने 185 सीटों पर जीत हासिल की है.
तेलुगूदेशम और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन को सिर्फ़ 49 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है. काँग्रेस ने यह चुनाव तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के साथ मिलकर लड़ा था. गुलाम नबी आज़ाद ने स्पष्ट किया कि सरकार में टीआरएस को ज़रूर शामिल किया जाएगा. दुसरी ओर भारी हार से निराश-हताश चंद्रबाबू नायडू ने राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला से मिलकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया. राज्यपाल ने कोई व्यवस्था होने तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है. पत्रकारों से बात करते हुए नायडू ने कहा कि नतीजे उनके लिए उम्मीद के मुताबिक़ नहीं रहे हैं. नायडू ने कहा, "मैंने आंध्र प्रदेश को आदर्श राज्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत की. लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं है. मैं जनमत को स्वीकार करता हूँ और मेरी पार्टी राज्य में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी." |
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