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मुसलमानों के लिए आरक्षण पर रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमानों को पाँच प्रतिशत आरक्षण के राज्य सरकार के फ़ैसले पर स्थगनादेश दिया है. स्थगनादेश मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पीठ ने दिया है. एक याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया है कि वह मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की उन सीटों पर अभी दाखिला नहीं लिए जाएँ जो कि राज्य सरकार के आदेश के अनुरूप मुसलमान उम्मीदवारों को मिलनी थी. मामले की आगे सुनवाई 27 जुलाई को होगी. उल्लेखनीय है कि एनटीआर स्वास्थ्य विश्वविद्यालय ने राज्य सरकार के फ़ैसले के आलोक में मुसलमान उम्मीदवारों से मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन करने को कहा था. राज्य सरकार का फ़ैसला आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमानों को शिक्षा और रोज़गार के क्षेत्र में पाँच प्रतिशत आरक्षण देने के बारे में था. इसके ख़िलाफ तीन लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिनमें से एक विश्व हिंदू परिषद का नेता है. |
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