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दक्षिण एशिया में बाढ़ ने क़हर बरपाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण एशिया के कई देशों में इस साल के मॉनसून में आई भयंकर बाढ़ का क़हर कई दिन से लगातार जारी है और एक करोड़ से भी ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. अधिकारी इसे पिछले एक दशक की सबसे भयंकर बाढ़ बता रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में भारत में 100 से भी ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोगों को घर छोड़ना पड़ा है. बांग्लादेश का लगभग एक तिहाई हिस्सा इससे प्रभावित हुआ है और लगभग तीस लाख लोगों पर इसका असर हुआ है. नेपाल में आई बाढ़ में पिछले एक सप्ताह में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं. भारत भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम और बिहार में इस साल मॉनसून के बाद आई बाढ़ की स्थिति भयंकर होती जा रही है. असम के काज़ीरंगा अभयारण्य में भी पानी घुस गया है जिससे वहाँ जीव-जंतु इधर-उधर भागने लगे हैं. पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में बाढ़ की वजह से हालत बहुत गंभीर है और ये राज्य देश के बाक़ी हिस्सों से कटते जा रहे हैं. बिहार में अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से चालीस लोगों की जानें जा चुकी हैं और चालीस लाख से ज़्यादा लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है. कई स्थानों पर नदियों के तटबंध टूटने की ख़बरें हैं. अधिकारियों ने अनुमान ज़ाहिर किया है कि बाढ़ से फ़सलों की जो तबाही हुई है उससे क़रीब दो करोड़ रुपए से भी ज़्यादा का नुक़सान हुआ है. भारी तबाही पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की वजह से पच्चीस लाख से भी ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं और हज़ारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के हवाले से कहा है कि प्रदेश हाल के वर्षों में सबसे भयंकर बाढ़ का सामना कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 24 में से 22 ज़िलों में बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है और पानी के तेज़ बहाव में गाँव के गाँव बह गए हैं. अधिकारियों ने बताया है कि असम में क़रीब 37 लाख लोग बेघर हुए हैं और 3200 गाँव पानी में डूब गए हैं. बाढ़ से प्रभावित लोगों को निकालने के लिए कम से कम छह हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ख़राब मौसम और नावें की किल्लत की वजह से बचाव कार्यों में बाधा आ रही है. उधर अरूणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन से कई जगह पुल बह गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं.
असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा भी की है. सेना ने समधारा और कुलकामी गाँवों से लगभग 700 लोगों को बचाया है. उत्तरी बिहार में कई इलाक़े बाढ़ की वजह से बाक़ी हिस्सों से कट गए हैं. सीतामढ़ी और दरभंगा के कई क्षेत्र बाढ़ में डूब गए हैं. बागमती और अधवारा नदियों ने दोनों ज़िलों के अधिकतर गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है. दक्षिण एशिया नेपाल में दूरदराज़ के गाँवों से ख़बरों में कहा गया है कि मृतकों की संख्या कहीं ज़्यादा हो सकती है. बांग्लादेश में देश का क़रीब एक तिहाई हिस्सा बाढ़ से प्रभावित हुआ है, अनेक लोगों की जान चली गई है और कम से कम तीस लाख लोग प्रभावित हुए हैं. बहुत से लोगों से उनके गाँव छूट गए हैं और वे पनाह के लिए भटक रहे हैं. बाढ़ से ख़ासतौर पर देश का पूर्वोत्तर भाग ज़्यादा प्रभावित हुआ है. सिलहट शहर के बहुत से हिस्सों में 60 सेंटीमीटर तक पानी भरा हुआ है और ढाका को जाने वाला सड़क संपर्क टूट गया है. |
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