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'सुनामी चेतावनी प्रणाली जुलाई तक' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि एशिया के तटवर्ती इलाक़ों में बसे लोगों को वर्ष 2004 जैसी सुनामी आपदाओं से बचाने के लिए सुनामी चेतावनी प्रणाली जुलाई तक स्थापित हो सकती है. दिसंबर 2004 में हिंद महासागर में आई सुनामी में विभिन्न देशों के दो लाख से ज़्यादा लोग मारे गए थे. उस समय हिंद महासागर में सुनामी चेतावनी प्रणाली न होने और लोगों को पर्याप्त समय पहले चेतावनी न मिल पाने की बात उठी थी. संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव यॉन एग्लैन के अनुसार इस प्रणाली को लगाने पर पाँच करोड़ डॉलर खर्च हो रहा है. जर्मनी के शहर बॉन में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने बताया कि ये प्रणाली क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर काम करेगी. लेकिन उनका ये भी कहना था कि इस व्यवस्था का फ़ायदा तब ही होगा जब आम लोगों तक सुनामी की पूर्व जानकारी पहुँच पाएगी. इस अवसर पर पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने इंडोनेशिया के सिम्युले द्वीप की बात की जहाँ सभी 80 हज़ार लोग सुनामी के दौरान बच गए. पाढ़ी दर पीढ़ी उन्हें सुनामी के बारे में दी गई जानकारी के कारण उन्होंने सुनामी के आसार पहले ही पहचान लिए और बच गए. | इससे जुड़ी ख़बरें सूनामी से हुए अनाथों की हालत08 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सूनामी से नुक़सान के नए आँकड़े 07 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस कितनी कारगर है चेतावनी प्रणाली?06 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना मुसीबतें पहले ही क्या कम थीं कि...04 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना 'बच्चों को संभालना सर्वोच्च प्राथमिकता'05 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना तकनीकी उपकरणों की कमी: सिब्बल03 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस 'पीड़ित देशों को पूरी सहायता दी जाएगी'03 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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