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ज़ाहिरा शेख ने आत्मसमर्पण किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बेस्ट बेकरी आगज़नी कांड की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख ने मुंबई की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है. गुजरात के सांप्रदायिक दंगों के दौरान चर्चित हुई ज़ाहिरा शेख को अदालत की अवमानना के अपराध में सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की क़ैद और 50 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. सज़ा सुनाए जाने के बाद से इस बारे में जानकारी नहीं थी कि ज़ाहिरा शेख कहाँ है. बेस्ट बेकरी कांड के मामले में ज़ाहिरा शेख के बार बार बयान बदले जाने की जाँच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी. अदालत ने ज़ाहिरा को सज़ा देने का फ़ैसला समिति की सिफ़ारिश पर किया था. बेस्ट बेकरी आगज़नी कांड के मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने नौ लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. वर्ष 2002 में हुए बेस्ट बेकरी हत्याकांड में दंगाइयों ने 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया था जिनमें 12 मुसलमान थे. पहले इस मामले की सुनवाई वड़ोदरा में हुई थी लेकिन जून, 2003 में गवाहों के अभाव में सभी 21 अभियुक्तों को बरी कर दिया गया था. इसके बाद कुछ सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप से मानवाधिकार संगठन ने इस मामले की जाँच की और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को फिर से शुरु करने के निर्देश दिए. एक जनहित याचिका में यह अनुरोध किया गया कि यह मामला गुजरात से बाहर चले और इसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सुनवाई मुंबई की एक विशेष अदालत में करने का फ़ैसला किया. इस बीच इस मामले की मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख ने कई बार अपने बयान बदले. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ज़ाहिरा को प्रलोभन दिया गया होगा'29 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस ज़ाहिरा का आवेदन कोर्ट ने ठुकराया20 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी गवाह ने 11 की शिनाख़्त की16 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी काँड की दोबारा सुनवाई शुरू04 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस गुजरात दंगों के मामलों पर पुनर्विचार23 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी मामले की फिर से जाँच12 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस बेकरी कांड के अभियुक्त बरी | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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