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'ज़ाहिरा को प्रलोभन दिया गया होगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट की जाँच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बेस्ट बेकरी मामले की मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख के बयानों में एकरूपता नहीं है. समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रलोभन दिए जाने की संभावना भी व्यक्त की है. ज़ाहिरा शेख के बार बार बयान बदलने के बाद 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को इसकी जाँच के आदेश दिए थे. समिति ने 24 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. रजिस्ट्रार जनरल की रिपोर्ट सोमवार को न्यायमूर्ति अर्जित पसायत की अध्यक्षता वाले एक पीठ के सामने पेश की गई. रिपोर्ट के अनुसार उच्च स्तरीय समिति को ज़ाहिरा शेख के बयान में विसंगितियाँ मिली हैं और समिति को लगता है कि उनके बयानों में एकरूपता और तारतम्यता नहीं है. समिति ने संभावना जताई है कि ज़ाहिरा शेख को इस मामले में प्रलोभन भी दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करने की बजाय इसे सभी संबंधित पक्ष को भेजने का निर्णय किया है और कहा है कि वे तीन सप्ताह के भीतर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करें. मामले की अगली सुनवाई 24 अक्तूबर को होगी. मामला उल्लेखनीय है कि गुजरात दंगों के दौरान बेस्ट बेकरी में 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था. ज़ाहिरा शेख़ इस मामले की मुख्य गवाह हैं.
पहले इस मामले के सभी 21 अभियुक्तों को एक स्थानीय अदालत ने बरी कर दिया था. इसके बाद पिछले साल 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के इस फ़ैसले को निरस्त करते हुए इस मामले की सुनवाई मुंबई की एक विशेष अदालत में करने के निर्देश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश ज़ाहिरा शेख और सिटिज़न्स फ़ॉर जस्टिस एंड पीस और गुजरात सरकार की याचिकाओं पर सुनाया था. सिटिज़न्स फ़ॉर जस्टिस एंड पीस की ओर से तीस्ता सीतलवाड़ ने ज़ाहिरा का साथ दे रही थीं. लेकिन बाद में ज़ाहिरा शेख ने मुंबई की अदालत में अपना बयान बदल दिया था. उन्होंने तीस्ता सीतलवाड़ पर ज़ोर ज़बरदस्ती के आरोप भी लगाए थे. ज़ाहिरा शेख और तीस्ता सीतलवाड़ के बीच खींचतान बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जाँच का फ़ैसला किया था. |
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