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ज़ाहिरा शेख़ को एक साल की सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के सांप्रदायिक दंगों के दौरान चर्चित हुई ज़ाहिरा शेख को अदालत की अवमानना के अपराध में एक साल की क़ैद और 50 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई है. अदालत ने यह फ़ैसला बेस्ट बेकरी आगज़नी कांड की प्रमुख गवाह ज़ाहिरा शेख के बार बार बयान बदले जाने की जाँच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति की सिफ़ारिश पर किया. जस्टिस अरिजित पसायत और एचके सेमा की खंडपीठ ने अपने फ़ैसले में कहा कि यदि ज़ाहिरा जुर्माना नहीं अदा करती हैं तो उनकी सज़ा एक साल और बढ़ा दी जाए. अदालत ने आयकर विभाग से कहा कि वह ज़ाहिरा की संपत्ति और बैंक खातों की जाँच करें. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को निर्देश दिया कि वह सन 2000 से अब तक ज़ाहिरा शेख की आय के स्रोतों की भी जाँच करे. इस मुक़दमें से जुड़ी तीस्ता सीतलवाड़ ने बताया कि अगर मुक़दमें ज़ल्द खत्म हो जाएं तो गवाहों के मुकरने की उम्मीद कम हो जाती है. ग़ौरतलब है कि कुछ समय पहले बेस्ट बेकरी आगज़नी कांड के मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को नौ लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. मार्च, 2002 में हुए इस हत्याकांड में दंगाइयों ने 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया था जिनमें 12 मुसलमान थे. ज़ाहिरा का चक्कर ज़ाहिरा शेख के बार-बार बयान बदलने से भी यह मामला चर्चा में रहा है. पहले इस मामले की सुनवाई वड़ोदरा में हुई थी लेकिन जून, 2003 में गवाहों के अभाव में सभी 21 अभियुक्तों को बरी कर दिया गया था. इसके बाद कुछ सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप से मानवाधिकार संगठन ने इस मामले की जाँच की और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को फिर से शुरु करने के निर्देश दिए. एक जनहित याचिका में यह भी अनुरोध किया गया कि यह मामला गुजरात से बाहर चले और इसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसकी मुंबई की एक विशेष अदालत में सुनवाई करने का फ़ैसला किया. इस बीच इस मामले की मुख्य गवाह ज़ाहिरा शेख ने कई बार अपने बयान बदले. आख़िर में अदालत को इसकी भी जाँच करवानी पड़ी और जाँच में पाया गया कि हो सकता है कि ज़ाहिरा शेख़ को प्रलोभन दिया गया हो. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ज़ाहिरा को प्रलोभन दिया गया होगा'29 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस ज़ाहिरा का आवेदन कोर्ट ने ठुकराया20 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी गवाह ने 11 की शिनाख़्त की16 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी काँड की दोबारा सुनवाई शुरू04 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस गुजरात दंगों के मामलों पर पुनर्विचार23 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी मामले की फिर से जाँच12 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस बेकरी कांड के अभियुक्त बरी | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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