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पाकिस्तान की तारीफ़ के बाद बुश लौटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश दक्षिण एशिया का अपना दौरा समाप्त कर अमरीका लौट गए हैं. दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मुलाक़ात की और 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' में सहयोग देने के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया. वहीं परवेज़ मुशर्रफ़ ने दोनों देशों के बीच सहयोग का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद जताई. बुश ने 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' में अपने एक सहयोगी देश पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से शनिवार को इस्लामाबाद में मुलाक़ात की. मुलाक़ात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बुश ने कहा कि 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद के माहौल में पाकिस्तान ने जो रुख़ दिखाया है वह साहसिक रहा है लेकिन कहा कि अल क़ायदा को शिकस्त देने के लिए अभी काफ़ी कुछ किए जाने की ज़रूरत है. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी कहा कि पाकिस्तान अमरीका के साथ सहयोग के एक नए युग की उम्मीद कर रहा है. बुश ने कहा कि वह तमाम पाकिस्तानियों के शुक्रगुज़ार हैं कि उन्होंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अपनी जान तक की बाज़ी लगा दी. उन्होंने कहा कि भविष्य का रास्ता ये है कि हम नफ़रत की जगह नई उम्मीद जगाएँ. बुश ने हालाँकि यह भी कहा कि पाकिस्तान का भविष्य लोकतंत्र में है.
बुश ने पाकिस्तान के साथ एक व्यापक और लंबे समय तक चलने वाली रणनीतिक साझेदारी बनाने की बात दोहराई. दक्षिण एशिया के दौरे के अंतिम चरण में पाकिस्तान पहुँचे बुश ने कहा कि अल क़ायदा को शिकस्त देने के लिए ज़रूरी है कि हम ख़ुफ़िया सूचनाओं का आदान-प्रदान करें और अल क़ायदा के लोगों का पता लगाकर उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए तैयार रहें. परवेज़ मुशर्रफ़ ने माना कि अल क़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ाई में उनके देश में कुछ ढिलाई रही है लेकिन उन्होंने कहा, "हम कामयाब होंगे." राष्ट्रपति बुश ने कहा के परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ उनकी बातचीत का लंबा हिस्सा पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सुधारों पर केंद्रित रहा है. बुश ने कहा कहा कि वह मानते हैं कि पाकिस्तान का भविष्य लोकतंत्र में है. कड़ी सुरक्षा अमरीका को अपना समर्थन दोहराते हुए परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि यह बिल्कुल साफ़ है कि हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सामरिक साझोदारी रखें.
बुश के साथ यात्रा कर रहे बीबीसी के संवाददाता जोनाथन बीयल का कहना है कि शनिवार को बुश और मुशर्रफ़ के बीच लगभग दो घंटे की रूबरू बातचीत हुई. दोनों नेता जब बातचीत करके बाहर आए तो सुरक्षा के भारी इंतज़ाम थे और अमरीकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर हवा में गश्त लगा रहे थे. बीयल का कहना है कि इससे साफ़ ज़ाहिर है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई अभी जीती नहीं गई है. बुश की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं और व्यावसायिक उड़ानों सहित निजी विमानों के लिए भी नो फ्लाई ज़ोन बनाया गया. इसके अलावा दंगा विरोधी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के हज़ारों जवान तैनात किए गए. पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान कुछ इस्लामी संगठनों ने पाकिस्तान में अमरीकी विरोधी प्रदर्शनों को समर्थन दिया था. विपक्षी नेता और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इमरान ख़ान ने शनिवार को एक प्रदर्शन निकालने का ऐलान किया था लेकिन उससे पहले ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. |
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