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हैदराबाद में खुलेगा वाणिज्य दूतावास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद शहर में अमरीकी वाणिज्य दूतावास खोलने को मंज़ूरी दे दी गई है. इसके लिए लंबे समय से माँग की जा रही थी और अब तक आंध्र प्रदेश के लोगों को अमरीकी वीज़ा लेने के लिए चेन्नई जाना पड़ता था. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमरीका में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में काम कर रहे 25 प्रतिशत से अधिक लोग आँध्र प्रदेश से हैं. तीन दिन की भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति बुश कुछ घंटों के लिए हैदराबाद का दौरा भी किया है. इस दौरान राष्ट्रपति बुश ने आचार्य एनजी रंगा कृषि विश्लविद्यालय भी गए. इस दौरे के बाद आँध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा, "अमरीका और भारत सरकार हैदराबाद में अमरीकी वाणिज्य दूतावास खोलने को राज़ी हो गए हैं." राज्य के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार को इस बारे में अधिकृत सूचना प्राप्त हो चुकी है. वाणिज्य दूतावास के लिए फ़िलहाल एक अस्थाई स्थान की भी तलाश कर ली गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अब तक चेन्नई में अमरीकी वीज़ा के लिए किए जाने वाले आवेदनों में से 40 प्रतिशत आँध्र प्रदेश से होते थे. विरोध प्रदर्शन इस बीच राष्ट्रपति बुश की हैदराबाद यात्रा के दौरान हो रहे विरोध प्रदर्शन में दो पुलिसकर्मियों सहित चार लोग घायल हो गए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना पुराने हैदराबाद में चारमीनार के पास मक्का मस्जिद में हुई. अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को नमाज़ अदा करने के बाद बाहर आए लोगों ने बुश विरोधी नारे लगाने शुरु किए और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरु कर दिए. वहाँ माहौल शुरू से तनावग्रस्त था और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. उल्लेखनीय है कि गुरूवार को भारत और अमरीका के बीच असैनिक परमाणु सहयोग को लेकर सहमति हो गई. दिल्ली में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और भारत के प्रधानममंत्री मनमोहन सिंह ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में इसकी घोषणा की थी. |
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