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'भारत-पाक-अमरीका मिलकर लड़े' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि भारत, पाकिस्तान और अमरीका को आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में एक साथ आना चाहिए. साथ ही दोनों देशों को कश्मीर सहित बाक़ी अहम मसलों पर प्रगति करनी चाहिए. राष्ट्रपति बुश ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त पत्रकारवार्ता में कहा,'' कराची में बम धमाके मुझे पाकिस्तान जाने से नहीं रोक पाएँगे.'' उनका कहना था,'' कराची बम धमाके इस बात का संकेत है कि आतंक के ख़िलाफ़ संघर्ष जारी है और तीनों देशों को इस लड़ाई में एक साथ आना चाहिए. '' उन्होंने कहा कि चरमपंथियों का विवेक नहीं होता और उनसे तर्क नहीं किया जा सकता है. बुश ने कहा,'' हम आतंकवाद की विचारधारा को उम्मीद और लोकतंत्र से हराएँगे.'' भारत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रह सकते हैं, यह इस महान लोकतंत्र ने दुनिया को दिखा दिया है. उन्होंने कहा कि इस हमले में एक अमरीकी नागरिक मारा गया है. उन्होंने अमरीकी नागरिक और मारे गए पाकिस्तानी लोगों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वो राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर बातचीत करेंगे. उनका कहना था कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ सीधे इस लड़ाई से जुड़े हुए हैं. आतंकवादी चार बार उनको मारने की कोशिश कर चुके हैं. ग़ौरतलब है कि भारत यात्रा समाप्त करने के बाद राष्ट्रपति बुश चार मार्च को पाकिस्तान के लिए रवाना हो जाएँगे. |
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