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गुजरात में बर्ड फ़्लू संक्रमण का मामला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात की महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाक़ों की मुर्गियों में बर्ड फ़्लू वायरस का संक्रमण पाया गया है. दूसरी ओर भारत सरकार ने दावा किया है कि अब तक की जाँच में बर्ड फ़्लू के मानव में संक्रमण होने का कोई मामला नहीं मिला है. सरकार का कहना है कि जाँच में एवियन इंफ्लूऐंज़ा का कोई मामला नहीं मिला है. सरकार ने दिल्ली और पुणे स्थित प्रयोगशालाओं में 95 नमूनों का परीक्षण किया और सभी नतीजे नकारात्मक निकले. सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र में नवापुर में रखे गए सभी मरीज सामान्य हैं और परीक्षण में संक्रमण से मुक्त पाए गए हैं. लेकिन महाराष्ट्र के नवापुर से सटे गुजरात के सूरत ज़िले के उच्छल तालुका की मुर्गियाँ की जाँच भोपाल में की गई जहाँ उनमें बर्ड फ़्लू वायरस का संक्रमण पाया गया. गुजरात के पशुपालन सचिव डीके राव ने बताया कि नवापुर की ख़बर के बाद गुजरात के सीमावर्ती 28 गाँवों में सावधानी बरती जा रही थी और लगभग 88 हज़ार मुर्गियाँ मार दी गईं थीं. उनका कहना था कि अब गाँवों की संख्या बढ़ा कर 38 कर दी गई है और 20 हज़ार और मुर्गियों को मारने के आदेश दे दिए गए हैं. नवापुर में शनिवार को मुर्ग़ियों में बर्ड फ़्लू का पहला मामला प्रकाश में आया था. उसके बाद इस पूरे इलाक़े को सील कर दिया गया था और लगभग 10 किलोमीटर के दायरे की मुर्गियों को मार दिया गया था. यानी बहुत बड़ी संख्या में मुर्गियों को एहतियात के तौर पर मारा जा रहा है. |
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