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'परमाणु समझौते को लेकर मतभेद बाक़ी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश उपमंत्री निकोलस बर्न्स ने कहा है कि भारत और अमरीका के बीच परमाणु समझौते को लागू करने को लेकर 'कुछ मतभेद अभी बाक़ी हैं.' वो इस बात को लेकर निश्चित नहीं थे कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की भारत यात्रा तक इसको अंतिम रूप दे दिया जाएगा. भारतीय विदेश सचिव श्याम सरन से बातचीत के बाद बर्न्स ने पत्रकारों से कहा, '' हम दोनों बातचीत पूरी करना चाहते हैं. लेकिन अब भी कुछ मतभेद कायम है. और इन मतभेदों को दूर करने की ज़रूरत है.'' उन्होंने कहा,'' हम नहीं जानते हैं कि हम राष्ट्रपति बुश की यात्रा से पहले किसी सहमति पर पहुँचेंगे. दोनों पक्ष इसकी पूरी कोशिश कर रहे हैं.'' कोशिश जारी बुश के एशिया सोसाइटी को संबोधन का उल्लेख करते हुए बर्न्स ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि सैन्य और असैनिक परमाणु संयंत्रों को अलग करने की योजना पारदर्शी और विश्वसनीय होनी चाहिए. उनका कहना था कि हम उस पर अब भी कार्य कर रहे हैं. इसके पहले बर्न्स और श्याम सरन ने मतभेदों को दूर करने के लिए तीसरे दौर की बातचीत की. अमरीका की ओर से पहले कहा गया था कि 90 फ़ीसदी बातचीत पूरी हो चुकी है. उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जुलाई में अपने अमरीका यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने परमाणु मामले में एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. इसमें असैनिक परमाणु ठिकानों की सूची और परमाणु ठिकानों को अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के लिए खोलने जैसे बातें हैं. अमरीका चाहता है कि भारत ज़्यादा से ज़्यादा परमाणु संयंत्रों को असैनिक संयंत्रों की सूची में डाल दे लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश की तैयारियों के लिए बर्न्स भारत में22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-फ्रांस के बीच परमाणु समझौता20 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस काकोडकर की चिंताओं पर विचार09 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-अमरीका परमाणु संधि जटिल20 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर सहमति की कोशिश19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'अमरीका को कोई हक़ नहीं है'03 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'परमाणु कार्यक्रम के साथ समझौता नहीं'03 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस भारत ने परमाणु शक्ति बनकर क्या पाया?03 मई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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