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भारत-फ्रांस के बीच परमाणु समझौता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और फ्रांस ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु शक्ति के उपयोग के बारे में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. सोमवार को दिल्ली में फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक़ शिराक और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बातचीत के बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. दोनों नेताओं की बातचीत में भारतीय स्टील उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी द्वारा यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी आर्सेलर को ख़रीदने का भी मुद्दा उठा. शिराक ने मित्तल की कंपनी द्वारा यूरोप की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर को ख़रीदने को लेकर जताई जा रही चिंताओं को सही बताया. शिराक भारत के दो दिन के दौरे पर रविवार को दिल्ली पहुँचे थे. 1998 में राष्ट्रपति बनने के बाद से शिराक़ की ये दूसरी भारत यात्रा है. इससे पहले 1976 में भी शिराक भारत गए थे जब वह फ्रांस के प्रधानमंत्री थे. समझौते फ्रेंच राष्ट्रपति की भारत यात्रा के अवसर पर दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर समझौते हुए जिनमें परमाणु समझौता काफ़ी महत्वपूर्ण है. मनमोहन सिंह और ज़्याक शिराक की उपस्थिति में भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोडकर और फ्रांस के विदेश मंत्री ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के विकास संबंधी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मनमोहन सिंह ने कहा,"हम भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच नागरिक ज़रूरतों के लिए परमाणु ऊर्जा को उपयोगी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में फ़्रांस के सहयोग की सराहना करते हैं". ज़्याक़ शिराक ने कहा कि फ़्रांस भारत की अपनी आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षित ईंधन के स्रोत खोजने के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करता है. दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और फ़्रांस के रक्षा मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के बारे में एक समझौते पर दस्तख़त किए. इसके अलावा अन्य समझौतों में यूरोपीय कंपनी एयरबस से 43 यात्री विमानों की ख़रीद के बारे में भी समझौते पर दस्तख़त किए गए हैं. मित्तल का मामला ज़्याक़ शिराक़ ने आर्सेलर के अधिग्रहण के मामले में लक्ष्मी मित्तल के दावे का विरोध करने के अपने देश के रूख़ का बचाव किया. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार शिराक ने मित्तल स्टील पर आरोप लगाया कि उसने आर्सेलर के बारे में कोई योजना बनाए बिना ही उसे ख़रीदने के लिए दावा पेश कर दिया. शिराक ने कहा,"ये उनका अधिकार है कि वे ऐसे दावे करें लेकिन ये यूरोपीय लोगों का भी अधिकार है कि वे अपने कर्मचारियों की समस्या, तकनीक की समस्या के बारे में सोचें". एजेंसी एपी के अनुसार शिराक ने पत्रकारों से कहा कि अभी भी इस बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और मित्तल स्टील के दावे के बारे में स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा की जा रही है. इस बारे में भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा,"राष्ट्रपति शिराक ने हमें अपनी स्थिति विस्तार से बताई और मुझे उम्मीद है कि सभी शेयरधारकों के हितों का ध्यान रखते हुए कोई निर्णय लिया जाएगा". | इससे जुड़ी ख़बरें शिराक दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुँचे19 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस फ्रांस-भारत परमाणु सहयोग के नज़दीक16 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस क्लेमांसु को फ्रांस ने वापस बुलाया15 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना सुप्रीम कोर्ट ने क्लेमांसु को रोका13 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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