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जम्मू कश्मीर पर 24 को व्यापक बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू कश्मीर पर हो रही चर्चा को व्यापक बनाने की पहल करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 24 फ़रवरी को एक बड़ी बैठक करने का फ़ैसला किया है. इस बैठक में अलगाववादी गुटों के नेताओं के अलावा जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है. प्रधानमंत्री 17 फ़रवरी को जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट के नेता यासीन मलिक से मिलने ही वाले हैं. इससे पहले उन्होंने पीपुल्स कांफ़्रेंस के नेता सज्जाद लोन को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था. हाल के बरसों में केंद्र की ओर से जम्मू कश्मीर को लेकर इस तरह की व्यापक बातचीत का यह पहला प्रस्ताव है. पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ चल रही शांति वार्ता के मद्देनज़र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे इस चर्चा को व्यापक बनाते हुए जम्मू कश्मीर के नेताओं से भी चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री ने जो बैठक बुलाई है उसमें राज्य के सभी अलगाववादी गुटों को आमंत्रित किया जाना है. इसके अलावा राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों को भी बैठक में शामिल किया जाना है जिनमें कांग्रेस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, पेंथर्स पार्टी आदि शामिल हैं. प्रधानमंत्री इस बैठक में जम्मू कश्मीर में शांति प्रक्रिया को व्यापक बनाना चाहते हैं और सभी की राय लेना चाहते हैं जिससे कि कोई कारगर हल निकाला जा सके. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर पर अमरीकी मध्यस्थता की अपील14 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मीरवाइज़ ने की जम्मू में पहली रैली02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और पाकिस्तान की कश्मीर पर चर्चा 18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन और सज्जाद लोन की मुलाक़ात14 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर समस्या के हल की कोशिश हो'05 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस कश्मीरी पंडितों और हुर्रियत की बातचीत19 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस सरकार 'कश्मीरियों' से बातचीत को तैयार08 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस भारत से बातचीत का हुर्रियत का प्रस्ताव22 जून, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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