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मनमोहन मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार किया है जिसके तहत राष्ट्रपति भवन में 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. ग़ौरतलब है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार का लंबे समय से इंतज़ार किया जा रहा था. इस विस्तार में ज़्यादातर कांग्रेसी नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. कुल दस कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली है, जबकि 11 को राज्यमंत्री और टीएस वासन को स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया है और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल सुशील कुमार शिंदे को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है. विदेश मंत्रालय का प्रभार अपने पास ही रखते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रक्षा, गृह और विधि मंत्रालय में कोई फ़ेरबदल नहीं किया है.
अटकलें लगाई जा रही थीं कि विधि मंत्री हंसराज भारद्वाज के मंत्रालय में तब्दीली हो सकती है या उन्हें हटाया जा सकता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, अलबत्ता पेट्रोलियम मंत्रालय मणिशंकर अय्यर से लेकर मुरली देवड़ा को दे दिया गया है. मणिशंकर अय्यर के पास अब खेल,युवा और पंचायती राज मंत्रालय का प्रभार है. अल्पसंख्यक मामलों का एक नया मंत्रालय भी गठित किया गया है जिसके कैबिनेट मंत्री अब्दुल रहमान अंतुले होंगे. कांग्रेस की ताक़तवर महामंत्री रहीं अंबिका सोनी को भी केंद्रीय मंत्री के रूप में शामिल किया गया है, वहीं आनंद शर्मा, जयराम रमेश और पवन कुमार बंसल को राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया है. सरकार के गठन के 20 महीने बाद हुए इस बड़े मंत्रिमंडल विस्तार में तीन राज्यमंत्रियों को पदोन्नत किया गया है, ये हैं कपिल सिब्बल, संतोष मोहन देव और प्रेमचंद गुप्ता. पुराने दिग्गज मंत्रिमंडल के विस्तार में जिन नए लोगों को शामिल किया गया है उनमें से 18 कांग्रेस के ही हैं जबकि सहयोगी दलों से सिर्फ़ शिबू सोरेन की वापसी हुई है. कांग्रेस के जो नेता शामिल किए गए हैं उनमें ज़्यादातर कांग्रेस के पुराने दिग्गज हैं या फिर अध्यक्ष सोनिया गाँधी के क़रीबी. महाराष्ट्र के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने इस विस्तार में जगह पाई है. उनमें से एक हैं, एआर अंतुले और दूसरे सुशील कुमार शिंदे. शिंदे तो आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बना दिए गए थे और उन्होंने राजभवन छोड़कर केंद्र में आने की इच्छा ज़ाहिर की थी. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा, पार्टी के आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रभारी जयराम रमेश और पुराने प्रवक्ता अश्विनी कुमार भी मंत्री बना लिए गए हैं. आंध्र प्रदेश के फ़िल्म निर्माता सुबीरामी रेड्डी, दिल्ली के युवा सांसद अजय माकन और पंजाब के सांसद पवन बंसल को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है. ग़ौरतलब है कि मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल के विस्तार की सुगबुगाहटें काफ़ी दिनों से चल रही थीं लेकिन हर बार विस्तार टल रहा था. | इससे जुड़ी ख़बरें सोरेन की केंद्रीय मंत्रिमंडल में वापसी27 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार27 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस राज्यों में मंत्रियों की छँटनी शुरू30 जून, 2004 | भारत और पड़ोस मनोकामना पूरी, डीएमके की नाराज़गी दूर25 मई, 2004 | भारत और पड़ोस मनमोहन ने 67 मंत्रियों के साथ शपथ ली22 मई, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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