|
सोरेन की केंद्रीय मंत्रिमंडल में वापसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के अध्यक्ष शिबू सोरेन को केंद्रीय मंत्रिमंडल में फिर शामिल किया गया है. उन्हें फिर कोयला मंत्रालय सौंपा गया है. राष्ट्रपति भवन में एक सादा समारोह में सोरेन को पद और गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने दिलाई. इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके मंत्रिमंडल के कई अन्य सदस्य भी मौजूद थे. क़रीब 30 साल पहले झारखंड राज्य की राजनतिक माँग के संबंध में जेएमएम के अभियान के दौरान दर्ज किए गए एक हत्याकांड के मामले में सोरेन के ख़िलाफ़ ग़िरफ़्तारी का वारंट जारी हुआ था. विपक्ष ने सोरेन के मामले पर संसद के अंदर और बाहर काफ़ी हंगामा किया था और उसी का नतीजा था कि उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. वे ज़मानत पर हैं.
इसे राजनीतिक हल्कों में अगले साल फ़रवरी में होने वाले झारखंड विधानसभा चुनावों के संदर्भ में देखा जा रहा है क्योंकि जेएमएम वहाँ के प्रमुख राजनीतिक ताकत है. आलोचना उधर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सोरेन के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की कड़ी आलोचना की है. भाजपा महासचिव अरुण जेटली ने समाचार एजेंसियों के बताया कि इससे यही साबित होता है कि इस सरकार में शामिल होने के लिए 'दाग़ी होना' यानि संदेह के घेरे में होना भी दिक्कत का कारण नहीं है. लेकिन अरुण जेटली ने ऐसे संकेत भी दिए कि इस मुद्दे पर भाजपा के संसद की कार्यवाही में विघ्न डालने के आसार कम हैं. शुक्रवार को पिछले कई महीनों से बिना विभाग के मंत्री तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव को श्रम और रोज़गार मंत्रालय दिया गया है जबकि शीशराम ओला को खनन मंत्रालय दिया गया है. सौंपे जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन ऐसा भी फ़िलहाल नहीं हुआ है. शुक्रवार को शिबू सोरेन और चंद्रशेखर राव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अलग-अलग मुलाक़ातें की थीं. उधर राष्ट्रपति कार्यालय से जानकारी दी गई है कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया है. महाराष्ट्र के राज्यपाल मोहम्मद फ़जल का कार्यकाल रविवार को खत्म हो रहा है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||