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कश्मीर में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के नज़दीक चली मुठभेड़ में कम से कम सात संदिग्ध चरमपंथी और दो भारतीय सैनिक मारे गए हैं. यह मुठभेड़ पुंछ ज़िले में शनिवार सुबह शुरू हुई. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि चरमपंथियों का एक गुट पाकिस्तान की ओर से भारत के सलोतरी इलाक़े में प्रवेश करना चाह रहा था. यह इलाक़ा जम्मू से लगभग 245 किलोमीटर दूर स्थित है. सेना ने इन्हें रोकने की कोशिश की जिससे दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई. अधिकारी का कहना था कि इस मुठभेड़ में कम से कम सात चरमपंथी मारे गए हैं. मुठभेड़ में सेना का एक मेजर और एक सिपाही भी मारा गया है. साथ ही दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. अधिकारियों का कहना था कि चरमपंथियों के इस गुट में 10 लोग हो सकते हैं. इसे पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है. भारत इस बात को पाकिस्तान के समक्ष उठाता रहा है कि वह भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में चरमपंथियों की घुसपैठ रोकने में असफल रहा है. हालांकि पाकिस्तान इस आरोप से इनकार करता आया है. भारत का कहना है कि घुसपैठ में कमी आई है लेकिन वह भारत के सीमा पर बाड़ लगाने और निगरानी बढ़ाने जैसे क़दम के कारण संभव हो पाई है. भारत प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी हिंसा में 1989 के बाद से अब तक 60 हज़ार से अधिक लोगों की जानें जा चुकीं हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मसला: पाकिस्तान08 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नियंत्रण रेखा पर नई चौकियाँ नहीं18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सीमा पर संघर्ष विराम के दो साल06 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सीमा शेखर एक नई प्रतीक हैं06 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथी गतिविधियों में कमी नहीं'15 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर का हल हमेशा के लिए हो जाए'19 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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