|
'चरमपंथी गतिविधियों में कमी नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सैन्य अभियानों के महानिदेशक लेफ़्टिनेंट जनरल मदन गोपाल ने कहा है कि भूकंप के बावजूद जम्मू कश्मीर में चरमपंथी गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई है. पिछले सप्ताह आए भूकंप के कारण भारत और पाकिस्तान दोनों ओर के कश्मीर में भारी तबाही हुई थी. जनरल मदन गोपाल ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले सप्ताह सेना ने कम से कम 29 चरमपंथियों को मुठभेड़ में मारा है. इसमें से 16 'घुसपैठिए' थे जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से नियंत्रण रेखा को पार करते हुए मारे गए थे. उनका कहना था कि इसमें से आठ तो भूकंप आने के कुछ घंटों बाद ही घुसपैठ करते हुए मारे गए. हालाँकि चरमपंथी गुट यूनाइटेड जिहाद काउंसिल ने भूकंप को देखते हुए अपनी गतिविधियाँ बंद करने की बात कही थी. इसके पहले भारतीय सेना के हवाले से ख़बरें आईं थीं कि भूकंप के कारण चरमपंथियों की बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं. माना जा रहा है कि इसमें सबसे ज़्यादा हिज़बुल मुजाहिदीन और लश्करे तोएबा के लोग मारे गए हैं. बीबीसी संवाददाता के अनुसार शनिवार को जम्मू के कठुआ ज़िले में चरमपंथियों के हमले में दो सैनिक मारे गए और छह अन्य घायल हो गए हैं. इसमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल आरके छिब्बर ने बताया कि जब सैनिक अपना नियमित अभ्यास कर रहे थे, उस दौरान उन पर हमला किया गया. चरमपंथियों ने उन पर हथगोला फेंका जिससे दो सैनिक मारे गए और छह घायल हो गए. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||