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दुख़्तराने मिल्लत की प्रमुख गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस ने भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादी महिला संगठन दुख़्तराने मिल्लत की नेता आसिया अंद्राबी और उनकी छह सहयोगियों को 'अश्लीलता' के ख़िलाफ़ कथित अभियान के सिलसिले में गिरफ़्तार किया है. इन सातों महिलाओं को श्रीनगर के एक रेस्तराँ में धावा बोलने के बाद हिरासत में लिया गया. दुख़्तराने मिल्लत के दस्ते ने राज्य में शराब और वेश्यावृत्ति के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा हुआ है. आसिया अंद्राबी जानी मानी अलगाववादी नेता हैं और वो जेल भी जा चुकी हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी मुनीर ख़ान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया,'' आसिया को उस समय गिरफ़्तार किया गया जब उन्होंने अपने पति के साथ रेस्तराँ में बैठी महिला पर हमला किया.'' अपनी गिरफ़्तारी से पहले आसिया अंद्राबी ने गिरफ़्तारी से पहले कहा,'' भारत कश्मीर में कई मोर्चों पर लड़ रहा है और मुस्लिम समाज का पतन उनमें से एक है. हमने इसका विरोध करने का फ़ैसला किया है.'' चेतावनी पिछले सप्ताह इस संगठन ने अनेक होटलों और रेस्तराँ पर धावा बोला था. उन्होंने रेस्तराँ और यहाँ तक कि इंटरनेट कैफ़े चलानेवालों को चेतावनी भी जारी की थी. 1989 में चरमपंथी हिंसा की शुरुआत के बाद से भारत प्रशासित कश्मीर में शराब की दुकानें और सिनेमा हॉल बंद हो गए थे. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कुछेक इलाक़ों में वे फिर खुलने शुरु हो गए हैं. 1990 की शुरुआत में दुख़्तराने मिल्लत ने मुस्लिम महिलाओं को बुरका पहनना अनिवार्य करने के लिए अभियान चलाया था. जो महिलाएँ बुर्क़ा नहीं पहनती थीं, उनके मुंह पर रंग पोत दिया जाता था. शुरुआत में यह अभियान सफल रहा लेकिन ज़्यादा दिन नहीं चल पाया. |
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