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कश्मीरी पंडित घाटी में लौटेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चरमपंथियों की धमकियों के वाबजूद जम्मू कश्मीर सरकार कश्मीरी पंडितों को घर वापस ले जाने की योजना पर क़ायम है. पहला दल दो महीनों में वापस लौटेगा. सरकार का कहना है कि पहला दल अक्तूबर में वापस घर लौटेगा. राज्य के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री हाकिम मोहम्मद यासीन ने कहा है, "जम्मू और उधमपुर के विभिन्न कैंपों में रह रहे 350 कश्मीरी पंडित परिवार अक्तूबर तक वापस कश्मीर लौटेंगे." उन्होंने बीबीसी को बताया कि अब तक 16 सौ कश्मीरी पंडित परिवारों ने घाटी लौटने के लिए आवेदन दिया है. पहले इसके लिए जून का समय तय किया गया था लेकिन ख़राब मौसम के कारण इसमें विलंब हो गया. मंत्री यासीन का कहना था कि बारिश की वजह से निर्माण कार्य नहीं हो पाया लेकिन पूरी गति से काम चल रहा है और आने वाले दो महीनों में यह पूरा हो जाएगा. उन्होंने बताया कि बदगाम के शेखपुरा और अनंतनाग के मत्तन में दो कमरों का सुविधा कश्मीरी पंडितों के लिए उपलब्ध करवाई जा रही है जबकि श्रीनगर में एक-एक कमरा दिया जाएगा. वहाँ सभी तरह की सुविधाएँ भी मुहैया करवाई जा रही हैं. मंत्री का कहना है कि सब कुछ ठीक हो जाने के बाद इन परिवारों को उन जगहों पर जाने की अनुमति दी जाएगी जहाँ ये पहले रहा करते थे. वहाँ जाकर वे अपने घरों की स्थिति का जायज़ा ले पाएँगे. उनका कहना था कि अपने मकानों को दुरुस्त करवाकर वहाँ लौटने का फ़ैसला भी उन्हीं का होगा. |
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