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राहुल के समर्थन में लगे नारे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस के अधिवेशन में युवा नेताओं ने राहुल गांधी को लेकर नारेबाज़ी की और ये सब थमा तब जब राहुल गांधी मंच पर गए. हालांकि उन्होंने भाषण फिर भी नहीं दिया. युवा नेताओं की मांग तो वैसे ये है कि राहुल गांधी को कार्यसमिति का सदस्य बनाया जाए लेकिन वे रविवार की सुबह मांग कर रहे थे कि राहुल गांधी मंच पर जाकर भाषण दें. और ये बात सिर्फ़ युवाओं कर सीमित नहीं थी, अर्जुन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता तक ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि अब युवाओं को कमान सौंपनी चाहिए. राजीव गांधी और सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी इस समय अमेठी से सांसद हैं और इस समय वे पार्टी में किसी भी पद पर नहीं हैं. मंत्रिमंडल में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया है. कांग्रेस का 82 वाँ अधिवेशन जब रविवार को औपचारिक रुप से शुरु हुई तो युवा नेता तैयार बैठे थे. उन्होंने शनिवार को ही एक फ़ोरम बना लिया था और रणदीपसिंह सुरजेवाला को अपना प्रवक्ता. इस फ़ोरम की माँग है कि राहुल गांधी को कार्यसमिति का सदस्य बनाया जाए और ज़्यादा ज़िम्मेदारी सौंपी जाए. अधिवेशन के शुरु होते ही युवा नेता और कार्यकर्ता नारा लगाने लगे कि राहुल गांधी को मंच पर बुलाया जाए. जब नारेबाज़ी थमी नहीं तो आख़िर राहुल गांधी को मंच पर बुलाया गया लेकिन राहुल गांधी ने भाषण फिर भी नहीं दिया. उन्होंने सिर्फ़ इतना ही कहा कि वे सोमवार को अपनी बात कहेंगे और तब तक उन्हें मंच के नीचे ही बैठने दिया जाए. लेकिन ऐसा नहीं था कि राहुल गांधी को लेकर युवा ही उत्साहित थे. अधिवेशन में राजनीतिक प्रस्ताव रखने आए अर्जुन सिंह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, "नेहरु जी ने जिस भारत का सपना देखा उसका निर्माण हमने कर दिया, अब समय आ गया है कि बागडोर युवाओं के हाथों में सौंप दी जाए." बीबीसी ने युवाओं के प्रवक्ता रणदीपसिंह सुरजेवाला से बात की तो उन्होंने इस बात का ज़ोरदार खंडन किया कि राहुल गांधी का समर्थन करना वंशवाद को आगे बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि वंशवाद की बात करना हास्यास्पद है क्योंकि गांधी परिवार ने देश के लिए जितनी कुर्बानियाँ दी हैं उतनी और किसी परिवार ने नहीं दी हैं. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ़ नारे तक की बात नहीं है, युवा नेतृत्व एक गंभीर मसला है. | इससे जुड़ी ख़बरें अधिवेशन में भावी रणनीति तय होगी21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस संकटों से जूझती काँग्रेस का अधिवेशन20 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन ज़रूरी: राहुल08 जून, 2004 | भारत और पड़ोस अधिकतर 'पुत्रों' के सितारे चमके13 मई, 2004 | भारत और पड़ोस विदेशी मूल का जवाब जनता देगीः प्रियंका26 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस जनता करेगी योग्यता का फ़ैसला: राहुल12 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस 'दिल की राजनीति' करेंगे राहुल30 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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