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उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन ज़रूरी: राहुल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काँग्रेस के युवा सांसद और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के बेटे राहुल गाँधी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने की ज़रूरत है. अमेठी से पहली बार संसद पहुँचे राहुल गाँधी मंगलवार को जनता का आभार जताने वहाँ पहुँचे. वहाँ एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राज्य की मुलायम सिंह यादव की सरकार को बदलने के लिए काम करें. विकास, बेहतर सड़कें और बिजली की माँग पर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि ये सारे मामले राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं जिसे बदलने की ज़रूरत है. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव की नेतृत्व में सरकार चल रही है. सरकार में अजित सिंह की राष्ट्रीय लोकदल भी शामिल है. काँग्रेस इस सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है लेकिन पार्टी का एक तबका लंबे समय से सरकार से समर्थन वापस लेने की माँग कर रहा है. काँग्रेस ने लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन करने की कोशिश की थी लेकिन मुलायम सिंह यादव ने इससे इनकार कर दिया. इच्छा लोकसभा चुनाव में काँग्रेस गठबंधन के शानदार प्रदर्शन के बाद मुलायम सिंह चाहते थे कि उनकी पार्टी भी सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा हो लेकिन काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इसे ठुकरा दिया.
हालाँकि केंद्र की काँग्रेस गठबंधन सरकार को समाजवादी पार्टी बाहर से समर्थन दे रही है लेकिन दोनों के रिश्ते मधुर नहीं. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं और काँग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में सिर्फ़ नौ सीटों से ही संतोष करना पड़ा. राहुल गाँधी और पार्टी के कई नेता अब कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में पार्टी को मज़बूत करना उनकी प्राथमिकता है और इसे हासिल करने के लिए समाजवादी पार्टी को कमज़ोर करना होगा. इस तरह की भी ख़बरें हैं कि काँग्रेस पार्टी अजित सिंह से बातचीत कर रही है ताकि अजित सिंह की पार्टी समाजवादी पार्टी के गठबंधन से बाहर आ जाए. हालाँकि अजित सिंह ने इन अटकलों का खंडन किया है. उत्तर प्रदेश में अभी जो स्थिति है उसके मुताबिक़ काँग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल के बिना भी मुलायम सिंह के पास ज़रूरी संख्या है. |
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