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अधिवेशन में भावी रणनीति तय होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में 2004 के आम चुनावों के बाद केंद्र में सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी का पहला अधिवेशन हैदराबाद में शनिवार से शुरु हो गया है. क्वात्रोची मामले और कर्नाटक सरकार पर छाए गंभीर संकट की छाया में यह सम्मेलन हो रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित देश भर से आए पार्टी के 15 हज़ार प्रतिनिधि कड़ी सुरक्षा के बीच 'राजीव गाँधी नगर' में अखिल भारतीय काँग्रेस कमेटी के अधिवेशन में पार्टी की स्थिति पर चर्चा करेंगे. इस तीन दिवसीय अधिवेशन की शुरुआत शनिवार को पार्टी कार्यसमिति की बैठक से हुई. पूरे शहर में कड़ी सुरक्षा है और आयोजन समिति की ओर से जारी किए गए अधिकृत पास दिखाने पर ही आयोजन स्थल के चार किलोमीटर के दायरे में प्रवेश संभव है. कांग्रेस के सामने एक बड़ी चुनौती साझा सरकार को चलाने की है. सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दल उसकी कड़ी आलोचना करने से नहीं चूक रहे हैं. चुनौतियाँ सरकार की एक बड़ी परेशानी यह है कि उसकी ज़्यादातर ग़रीब समर्थक नीतियों का श्रेय वामपंथी दलों को जा रहा है. इस बैठक में पार्टी नेता इस बात पर चर्चा करेंगे कि सरकार की उपलब्धियों को पार्टी संगठन की मदद से लोगों के सामने कैसे लाया जाए. हालाँकि पार्टी नेता पड़ोसी राज्य कर्नाटक के मामले पर चर्चा करने से बच रहे हैं जहाँ कांग्रेस के नेतृत्ववाली सरकार संकट में है. इस दौरान पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पार्टी नेताओं को संबोधित करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि उनके भाषणों से पार्टी के भविष्य की दिशा के संकेत मिलेंगे. पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का शीर्ष नेत्तृत्व ग्रामीण क्षेत्रों और ग़रीब जनता पर ध्यान केंद्रित कर, हिंदी भाषी क्षेत्र के बड़े राज्यों में खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए प्रयास तेज़ करने के पक्ष में है. दूसरी तरफ़ सोनिया गाँधी के पुत्र और अमेठी से पार्टी सांसद राहुल गाँधी को काँग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण संस्था, पार्टी कार्यसमिति में शामिल किए जाने की माँग भी ज़ोर पकड़ती जा रही है. युवा नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि वे राहुल गांधी को कांग्रेस कार्यसमिति में शामिल करने की मांग करेंगे. हरियाणा सरकार में मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बताया कि इस मुद्दे को उठाने के लिए संचालन समिति को नोटिस दे दिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें सरकार-सीबीआई को यथास्थिति के निर्देश16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस सपा और कांग्रेस के तल्ख़ होते रिश्ते12 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नटवर सिंह का इस्तीफ़ा मंज़ूर07 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'बिहार के साथ भेदभाव नहीं होने देंगे'11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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