|
मानवाधिकार रिपोर्ट में भारत की प्रशंसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मानवाधिकार संस्था ह्मूमन राइट्स वॉच की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले एक साल के दौरान भारत में मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार हुआ है जबकि पूरे दक्षिण एशिया में मानवाधिकारों की स्थिति बिगड़ी है. ह्मूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में मोटे तौर पर दक्षिण एशिया में मानवाधिकारों की स्थिति की निराशाजनक तस्वीर पेश की है. लेकिन इस रिपोर्ट में भारत की ख़ासतौर पर प्रशंसा की गई है. नेपाल में लोकतांत्रिक सरकार को हटाए जाने के बाद भारत ने जिस तरह नेपाल को दी जाने वाली सैनिक सहायता रोक दी थी उसकी भी इस रिपोर्ट में प्रशंसा की गई है. चरमपंथियों से निपटने के लिए सेना को मिले विशेषाधिकारों पर फिर से विचार करने के भारत सरकार के फ़ैसले को भी सराहा गया है. लेकिन ह्मूमन राइट्स वॉच ने भारत में उस क़ानून की निंदा की है जिसके तहत संदिग्ध अपराधियों को प्रताड़ित करने की इजाज़त दी गई है. पुलिस और सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने पर रोक की भी आलोचना हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक़, “भारत के पुलिसबल, सैनिक और अर्धसैनिक बलों ने कई क्षेत्रों में मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है, लेकिन इन मामलों की पारदर्शिता से जाँच करवाने की कोशिश नहीं हुई है.” अन्य देश ह्मूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट में भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन किए जाने की कड़ी आलोचना हुई है. रिपोर्ट में पाकिस्तान के क़बायली गाँवों में लोगों को सामूहिक तरीके से सज़ा देने और क़ैदियों से मिलने की खुली छूट ने देने पर चिंता जताई गई है. महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मुद्दे पर संस्था ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशरर्फ़ के रवैये की भी निंदा की. रिपोर्ट में ख़ास तौर पर मुख़्तार माई के मामले का ज़िक्र किया गया. ह्मूमन राइट्स वॉच ने अफ़ग़ानिस्तान के सिलसिले में कहा है कि वहाँ हिंसक विद्रोही गतिविधियाँ बढ़ रही हैं जिससे विकास में बाधा आ रही है. श्रीलंका के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि सूनामी के बाद वहाँ मानवाधिकारों की स्थिति बिगड़ी है. संस्था का दावा है कि विद्रोही संगठन एलटीटीई ने बच्चों को भी श्रीलंका की आंतरिक लड़ाई में झोंक दिया है. वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में पिछले साल हुए बम धमाकों के बाद वहाँ मानवाधिकारों की स्थिति और खराब हो गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें मानवाधिकारों की अनदेखी की अमरीका ने14 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना 'अल्पसंख्यकों की चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट'08 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस नेपाल में ग्रामीण सुरक्षा बलों की निंदा03 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'नेपाल में बच्चों की हत्या हो रही है'26 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में फ़ौज के दबदबे पर चिंता01 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||