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'नेपाल में बच्चों की हत्या हो रही है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि नेपाल में चल रहे संघर्ष में दोनों तरफ़ से बच्चों की हत्या की जा रही है. ब्रिटेन में आधारित इस संस्था ने अपनी रिपोर्ट में माओवादियों और नेपाल सरकार पर बच्चों से संबधित मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. संस्था का कहना है कि बच्चों का अपहरण किया जाता है, उनका बलात्कार होता है और युद्ध में भी उनका इस्तेमाल किया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक़ नेपाल में चल रहे संर्घष में कम से कम 400 बच्चे मारे जा चुके हैं. रिपोर्ट में बच्चों के मारे जाने की कई मिसालें दी गई हैं. एक घटना का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में लिखा है कि पिछले साल सेना ने चार निहत्थी बच्चियों को माओवादी गतिविधियों में शामिल होने के शक में मार दिया था. रिपोर्ट में लिखा गया है कि माओवादियों के हमलों में कई बच्चे मारे जाते हैं. रिपोर्ट में बच्चों पर अत्याचार करने और पुलिस का बच्चियों से बलात्कार करने के लिए ख़ास तौर पर नेपाल सरकार की आलोचना की गई है. जबकि माओवादीयों पर स्कूलों पर बमबारी करने और हिंसक गतिविधियों के लिए बच्चों का उपयोग करने का आरोप है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की इस रिपोर्ट में युवा लोगों की जिंदगी की बेहद निराशाजनक तस्वीर पेश की गई है. संस्था ने दोनों पक्षों से कहा है कि वो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का पालन करें. |
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