|
माओवादियों ने हमले के लिए खेद जताया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादी विद्रोहियों ने एक बस पर हमले के लिए खेद जताया है. बारूदी सुरंग धमाके में बस के कम से कम 38 यात्री मारे गए थे. माओवादियों का यह हमला सोमवार को चितवन ज़िले में हुआ था. माओवादी नेता प्रचंड ने हमले को एक गंभीर ग़लती बताया और कहा कि विद्रोहियों ने सैनिकों को निशाना बनाना चाहा था. प्रचंड ने एक बयान में कहा, "यह एक बहुत बड़ी ग़लती थी जिसके कारण हमारी जनमुक्ति सेना द्वारा शाही सेना को निशाना बना कर रखे गए विस्फोटक का शिकार आमलोग बने." उल्लेखनीय है कि देश में 1996 में माओवादी संघर्ष शुरू होने के बाद से किसी हमले में पहले इतने नागरिक नहीं मारे गए थे. प्रचंड ने कहा कि हमले में शामिल लोगों को निलंबित कर दिया गया है. प्रचंड का बयान हमले की चौतरफ़ा आलोचना के बाद आया है. एक और मुठभेड़ इसबीच नेपाल की सेना के एक बयान में कहा गया है कि सोमवार को कैलाली में एक मुठभेड़ में कम से कम 14 सैनिक और छह माओवादी विद्रोही मारे गए हैं. मुठभेड़ कई घंटे चली. नेपाल में माओवादी हिंसा में पिछले पाँच वर्षों के दौरान लगभग 12 हज़ार लोग अपनी जान गँवा चुके हैं. नेपाल में माओवादी हिंसा से निबटने में 'सरकार की नाकामी' का आरोप लगाते हुए राजा ज्ञानेंद्र ने निर्वाचित प्रधानमंत्री को बर्ख़ास्त करके सत्ता अपने हाथ में ले ली है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||