|
नेपाल में कई माओवादी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में सरकारी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में बड़ी संख्या में माओवादी विद्रोही मारे गए हैं. सैन्य अधिकारी इनकी संख्या पचास बता रहे हैं लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों के अनुसार इस मुठभेड़ में दो सैनिक भी मारे गए हैं और चार अन्य घायल हुए हैं. विगत में माओवादियों ने सरकार पर आरोप लगाए हैं कि वह मारे गए विद्रोहियों की तादाद बढ़ाचढ़ा कर बताती है. यह नवीनतम मुठभेड़ सिंदौली के एक दूरदराज़ गाँव में हुई जहाँ सरकारी सैनिकों का विद्रोहियों से आमना सामना हो गया. ख़बरें हैं कि विद्रोही सिरहा ज़िले से वापस लौट रहे थे जहाँ पिछले हफ़्ते एक भारी मुठभेड़ हुई थी. फ़रवरी में जबसे नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने सीधे सत्ता संभाली है तब से मुठभेड़ों का सिलसिला बहुत बढ़ गया है. पिछले दस साल में माओवादी हिंसा में लगभग बारह हज़ार लोगों की मौत हुई है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||