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नेपाली कम्युनिस्ट नेता माधव नेपाल रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में पिछले तीन महीने से नज़रबंद कम्युनिस्ट पार्टी के नेता माधव कुमार नेपाल को रिहा कर दिया गया है. दो दिन पहले ही नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने देश से आपातकाल हटाया है. एक फरवरी को नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने शेर बहादुर देउबा की सरकार को बर्ख़ास्त करके सत्ता अपने हाथों में ले ली थी. उसी दौरान माधव कुमार नेपाल को नज़रबंद कर दिया गया था. माधव कुमार नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (यूएमएल) के महासचिव हैं. उनके साथ उनके सहयोगी अमृत बोहरा को भी रिहा कर दिया गया है. एक फरवरी को बर्ख़ास्त की गई शेर बहादुर देउबा की सरकार में कम्युनिस्ट भी शामिल थे. इस गठबंधन सरकार में चार पार्टियाँ शामिल थीं. अन्य राजनीतिक दलों के नेता पहले ही रिहा किए जा चुके हैं. रविवार को मई दिवस के मौक़े पर हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने देश में लोकतंत्र की तत्काल बहाली और राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग की थी. हालाँकि दो दिन पहले नेपाल नरेश ने देश से आपातकाल हटा लिया है लेकिन अभी भी सभी शक्तियाँ उनके ही हाथों में हैं. भारत ने आपातकाल हटाने का तो स्वागत किया है लेकिन नेपाल की विपक्षी पार्टियाँ और क़ानूनी जानकारों की इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया है. विपक्षी पार्टियों ने देश में लोकतंत्र की तुरंत बहाली के लिए एक संयुक्त आंदोलन शुरू करने का मन बनाया है. |
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